प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। पुलिस कार्यालय की कार्यप्रणाली की समीक्षा के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह ने 16 मार्च 2026 को पुलिस कार्यालय की प्रधान लिपिक शाखा हाइकोर्ट सेल एसआईएस डीसीआरबी और गौवंश सेल का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सबसे पहले कार्यालय में तैनात कर्मचारियों से परिचय प्राप्त कर उनके कार्यों की जानकारी ली गई और संबंधित अभिलेखों की जांच की गई। जांच के दौरान कई अभिलेख अधूरे पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित शाखा प्रभारियों को सात दिन के भीतर सभी अभिलेख पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्राधिकारी कार्यालय को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक तीन माह में कार्यालय शाखाओं के कार्यों की समीक्षा कर लंबित कार्यों को पूरा कराते हुए अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। डीसीआरबी शाखा के निरीक्षण के दौरान प्रभारी को अपराध से संबंधित डोजियर अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। शाखा में तैनात कर्मचारियों की अलग-अलग जिम्मेदारियां तय करने को कहा गया ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और सभी अभिलेख समय-समय पर अद्यतन रहें। साथ ही थानों से आने वाले अभियुक्तों के फिंगर प्रिंट और रेटिना स्कैन सही तरीके से दर्ज करने के निर्देश दिए गए जिससे अभियुक्तों की पहचान सटीक रूप से हो सके। एसआईएस शाखा के निरीक्षण में पाया गया कि कुछ विवेचनाएं निर्धारित समय से अधिक समय से लंबित हैं। इस पर प्रभारी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विवेचनाओं का गुण-दोष के आधार पर तय समय सीमा में निस्तारण किया जाए ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में तैनात सभी कर्मचारियों को समय पर उपस्थित होकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए और स्पष्ट किया गया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपराध निशा यादव क्षेत्राधिकारी कार्यालय सुरेन्द्र प्रसाद बलूनी क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर संजय चौहान सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। पुलिस कार्यालय की कार्यप्रणाली की समीक्षा के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह ने 16 मार्च 2026 को पुलिस कार्यालय की प्रधान लिपिक शाखा हाइकोर्ट सेल एसआईएस डीसीआरबी और गौवंश सेल का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सबसे पहले कार्यालय में तैनात कर्मचारियों से परिचय प्राप्त कर उनके कार्यों की जानकारी ली गई और संबंधित अभिलेखों की जांच की गई। जांच के दौरान कई अभिलेख अधूरे पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित शाखा प्रभारियों को सात दिन के भीतर सभी अभिलेख पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्राधिकारी कार्यालय को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक तीन माह में कार्यालय शाखाओं के कार्यों की समीक्षा कर लंबित कार्यों को पूरा कराते हुए अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। डीसीआरबी शाखा के निरीक्षण के दौरान प्रभारी को अपराध से संबंधित डोजियर अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। शाखा में तैनात कर्मचारियों की अलग-अलग जिम्मेदारियां तय करने को कहा गया ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और सभी अभिलेख समय-समय पर अद्यतन रहें। साथ ही थानों से आने वाले अभियुक्तों के फिंगर प्रिंट और रेटिना स्कैन सही तरीके से दर्ज करने के निर्देश दिए गए जिससे अभियुक्तों की पहचान सटीक रूप से हो सके। एसआईएस शाखा के निरीक्षण में पाया गया कि कुछ विवेचनाएं निर्धारित समय से अधिक समय से लंबित हैं। इस पर प्रभारी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विवेचनाओं का गुण-दोष के आधार पर तय समय सीमा में निस्तारण किया जाए ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में तैनात सभी कर्मचारियों को समय पर उपस्थित होकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए और स्पष्ट किया गया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपराध निशा यादव क्षेत्राधिकारी कार्यालय सुरेन्द्र प्रसाद बलूनी क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर संजय चौहान सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।