प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर-संकाय सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं 2025–26 के दूसरे दिन विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता कौशल और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दूसरे दिन के कार्यक्रमों में मुख्य प्रांगण में कव्वाली शास्त्रीय गायन और पाश्चात्य गायन प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं जिनमें प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इससे पहले पहले दिन देर रात तक सुगम संगीत समूह गान और लोक गीत कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। शैक्षणिक प्रतियोगिताओं के अंतर्गत काव्य पाठ वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी वैचारिक क्षमता और बौद्धिक दक्षता का प्रदर्शन किया। वहीं चित्रकला के अंतर्गत पोस्टर पेंटिंग कार्टून और रंगोली प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा और विभिन्न संकायों के प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन समिति द्वारा सभी प्रतियोगिताओं का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ पी गुसाईं कार्यक्रम संयोजक प्रो.अतुल ध्यानी प्रो.मोहन पंवार डॉ.विजय ज्योति डॉ.घनश्याम ठाकुर डॉ.संजय पांडे और डॉ.कपिल पंवार सहित अन्य उपस्थित रहे। इसी क्रम में विश्वविद्यालय में 19 और 20 मार्च को अंतर-महाविद्यालयी शैक्षणिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।उद्घाटन कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय परिसर संबद्ध महाविद्यालयों और संस्थानों के बीच संगीत नृत्य नाटक साहित्यिक और चित्रकला की विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी। कार्यक्रम संयोजक ने बताया कि अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिताओं में आठ टीमें भाग लेंगी जो विभिन्न महाविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करेंगी और सांस्कृतिक रैली में भी हिस्सा लेंगी।
Spread the love
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर-संकाय सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं 2025–26 के दूसरे दिन विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता कौशल और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दूसरे दिन के कार्यक्रमों में मुख्य प्रांगण में कव्वाली शास्त्रीय गायन और पाश्चात्य गायन प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं जिनमें प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इससे पहले पहले दिन देर रात तक सुगम संगीत समूह गान और लोक गीत कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। शैक्षणिक प्रतियोगिताओं के अंतर्गत काव्य पाठ वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी वैचारिक क्षमता और बौद्धिक दक्षता का प्रदर्शन किया। वहीं चित्रकला के अंतर्गत पोस्टर पेंटिंग कार्टून और रंगोली प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा और विभिन्न संकायों के प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन समिति द्वारा सभी प्रतियोगिताओं का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ पी गुसाईं कार्यक्रम संयोजक प्रो.अतुल ध्यानी प्रो.मोहन पंवार डॉ.विजय ज्योति डॉ.घनश्याम ठाकुर डॉ.संजय पांडे और डॉ.कपिल पंवार सहित अन्य उपस्थित रहे। इसी क्रम में विश्वविद्यालय में 19 और 20 मार्च को अंतर-महाविद्यालयी शैक्षणिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।उद्घाटन कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय परिसर संबद्ध महाविद्यालयों और संस्थानों के बीच संगीत नृत्य नाटक साहित्यिक और चित्रकला की विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी। कार्यक्रम संयोजक ने बताया कि अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिताओं में आठ टीमें भाग लेंगी जो विभिन्न महाविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करेंगी और सांस्कृतिक रैली में भी हिस्सा लेंगी।