प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद चमोली के प्राथमिक विद्यालय ने रचा इतिहास 5 बच्चों का नवोदय विद्यालय में चयन जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई है। विकासखण्ड देवाल स्थित रा.आ.प्रा.वि देवाल से पहली बार एक साथ 5 विद्यार्थियों दक्ष बिष्ट विहान खत्री दिया उन्नति एवं मयंक बिष्ट का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है। उक्त विद्यालय विगत दो वर्षों से डायट जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली का फोकस विद्यालय रहा है। डायट द्वारा विद्यालय को निरंतर विशेष अकादमिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस क्रम में डायट मेंटर डॉ.कमलेश कुमार के मार्गदर्शन में डीएलएड प्रशिक्षुओं को नियमित रूप से विद्यालय भेजा गया जिससे विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार हुआ। विद्यालय को मॉडल रा.आ.प्रा.वि कपकोट के तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।इसी का परिणाम है कि गत वर्ष 2 विद्यार्थियों के चयन के बाद इस वर्ष 5 विद्यार्थियों का नवोदय विद्यालय में चयन संभव हो सका है। इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय परिवार शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी है। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि डायट के सहयोग से अन्य विकासखण्डों के चिन्हित विद्यालयों में भी इसी प्रकार विशेष प्रयास किए जाएं। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि ऐसे विद्यालयों को जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सभी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।यह सफलता दर्शाती है कि समन्वित प्रयास गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं सतत मार्गदर्शन से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद चमोली के प्राथमिक विद्यालय ने रचा इतिहास 5 बच्चों का नवोदय विद्यालय में चयन जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई है। विकासखण्ड देवाल स्थित रा.आ.प्रा.वि देवाल से पहली बार एक साथ 5 विद्यार्थियों दक्ष बिष्ट विहान खत्री दिया उन्नति एवं मयंक बिष्ट का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है। उक्त विद्यालय विगत दो वर्षों से डायट जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली का फोकस विद्यालय रहा है। डायट द्वारा विद्यालय को निरंतर विशेष अकादमिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस क्रम में डायट मेंटर डॉ.कमलेश कुमार के मार्गदर्शन में डीएलएड प्रशिक्षुओं को नियमित रूप से विद्यालय भेजा गया जिससे विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार हुआ। विद्यालय को मॉडल रा.आ.प्रा.वि कपकोट के तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।इसी का परिणाम है कि गत वर्ष 2 विद्यार्थियों के चयन के बाद इस वर्ष 5 विद्यार्थियों का नवोदय विद्यालय में चयन संभव हो सका है। इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय परिवार शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी है। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि डायट के सहयोग से अन्य विकासखण्डों के चिन्हित विद्यालयों में भी इसी प्रकार विशेष प्रयास किए जाएं। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि ऐसे विद्यालयों को जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सभी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।यह सफलता दर्शाती है कि समन्वित प्रयास गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं सतत मार्गदर्शन से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।