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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में अंतर-महाविद्यालयी शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का शुभारंभ हो गया है। गुरुवार को जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं जबकि अमित कुमार मैखण्डी और कालीमठ मंदिर के पुजारी ऋषि राम भट्ट ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में कुलपति के प्रतिनिधि के रूप में प्रो.एनएस पंवार प्रो.एमएस पंवार अधिष्ठाता छात्र कल्याण ओपी गुसाईं कार्यक्रम संयोजक प्रो अतुल ध्यानी और छात्र संघ पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए संस्कृति के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।कार्यक्रम संयोजक प्रो अतुल ध्यानी ने सभी टीमों का स्वागत करते हुए प्रतियोगिताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओपी गुसाईं ने कहा कि भविष्य में इन प्रतियोगिताओं का समय पर आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा ताकि विश्वविद्यालय की टीमें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो.एनएस पंवार ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय से संबद्ध 8 संस्थान भाग ले रहे हैं जिनमें बिड़ला टिहरी पौड़ी परिसर सहित डीएवी डीबीएस और डॉल्फिन संस्थान शामिल हैं। प्रतिभागियों द्वारा श्रीनगर शहर से बिड़ला परिसर तक सांस्कृतिक झांकी भी निकाली गई। प्रतियोगिताओं के अंतर्गत सुगम संगीत वाद-विवाद काव्य पाठ शास्त्रीय गायन तथा विभिन्न साहित्यिक और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रो.अरुण रावत प्रो एमएस नेगी डॉ.विजय ज्योति डॉ.विजयकांत पुरोहित डॉ.कपिल पंवार डॉ.संजय पांडे और अरुण बहुगुणा सहित अन्य उपस्थित रहे। इसी क्रम में प्रतियोगिताओं के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें 7 टीमों के 14 प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सामाजिक शैक्षणिक तकनीकी और नैतिक पहलुओं पर अपने विचार रखते हुए इसके लाभ और चुनौतियों को विस्तार से बताया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अनिल चंदोला पत्रकार एवं लेखक प्रेम पंचोली तथा शिक्षाविद् सरिता उनियाल उपस्थित रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति और विषय की समझ की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक सोच और अभिव्यक्ति कौशल को मजबूत करते हैं।

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