जिला अस्पतालों में तैनात होंगे शत-प्रतिशत विशेषज्ञ चिकित्सक-मंत्री डॉ.रावत
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत की अध्यक्षता में विधानसभा स्थित सभागार में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में गैप एनालिसिस को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें विभागीय अधिकारियों द्वारा गैप एनालिसिस को लेकर जनपदवार प्रस्तुतिकरण दिया गया। बैठक में विभागीय मंत्री डॉ.रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक जिला अस्पताल एवं उप जिला अस्पताल में आईपीएचएस मानकों के अनुरूप शत-प्रतिशत विशेषज्ञ चिकित्सक एवं पैरामेडिक स्टॉफ तैनात किया जाय ताकि 90 फीसदी मरीजों का उपचार वहीं पर किया जा सके। इसी प्रकार उन्होंने सूबे के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों के सम्बद्ध अस्पतालों में भी मरीजों को समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये ताकि 98 फीसदी मरीज मेडिकल कॉलेजों में अपना उपचार कर सके। डॉ.रावत ने कहा कि अवकाश पर जाने वाले चिकित्सकों के विकल्प के रूप में वैकल्पिक व्यवस्था पूर्व से निर्धारित कर ली जाय,ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा राज्य सरकार जिला चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाओं के साथ अल्ट्रासाउंड,सिटी स्कैन,एक्स-रे,एमआरआई,ईसीजी, ईईजी सहित पैथौलॉजी की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। जिसका लाभ वह आने वाले मरीजों को आसानी से उपलब्ध हो सके।इसी प्रकार उप जिला चिकित्सालयों में भी आधारभूत सुविधाओं के साथ ही एक्स-रे,अल्ट्रासाउंड,पैथौलॉजी आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। जबकि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉ.रावत ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि स्थानीय स्तर पर ही लोगों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाय ताकि कम से कम मरीजों को एम्स व अन्य निजी अस्पतालों में रैफर कराना पड़े। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि यदि कोई चिकित्सक अनावश्यक रूप से मरीजों को रैफर करते पाया जाता है उसके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि यदि आईपीएचएस मानकों के तहत अनुमन्य पदों के अलावा भी जिला या उप जिला चिकित्सालयों में स्टाफ की आवश्यकता पड़ती है तो इस संबंध में औचित्यपूर्ण प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में रखा जायेगा। बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ.आर.राजेश कुमार,महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ.सुनीता टम्टा,निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ.आशुतोष सयाना,राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य डॉ.अरूण जोशी,डाॅ.गीता जैन,डॉ.रंगील सिंह रैना,डॉ.अजय आर्य,अपर निदेशक चिकितसा शिक्षा डॉ.एम.सी.पंत,डॉ.अजीत जौहरी,डॉ.आनंद शुक्ला,डॉ.मुकेश रॉय,डॉ.अनिल नेगी,डॉ.एन.एस.नपच्याल उपस्थित रहे। जबकि सभी जनपदों के सीएमओ ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।
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जिला अस्पतालों में तैनात होंगे शत-प्रतिशत विशेषज्ञ चिकित्सक-मंत्री डॉ.रावत
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत की अध्यक्षता में विधानसभा स्थित सभागार में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में गैप एनालिसिस को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें विभागीय अधिकारियों द्वारा गैप एनालिसिस को लेकर जनपदवार प्रस्तुतिकरण दिया गया। बैठक में विभागीय मंत्री डॉ.रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक जिला अस्पताल एवं उप जिला अस्पताल में आईपीएचएस मानकों के अनुरूप शत-प्रतिशत विशेषज्ञ चिकित्सक एवं पैरामेडिक स्टॉफ तैनात किया जाय ताकि 90 फीसदी मरीजों का उपचार वहीं पर किया जा सके। इसी प्रकार उन्होंने सूबे के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों के सम्बद्ध अस्पतालों में भी मरीजों को समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये ताकि 98 फीसदी मरीज मेडिकल कॉलेजों में अपना उपचार कर सके। डॉ.रावत ने कहा कि अवकाश पर जाने वाले चिकित्सकों के विकल्प के रूप में वैकल्पिक व्यवस्था पूर्व से निर्धारित कर ली जाय,ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा राज्य सरकार जिला चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाओं के साथ अल्ट्रासाउंड,सिटी स्कैन,एक्स-रे,एमआरआई,ईसीजी, ईईजी सहित पैथौलॉजी की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। जिसका लाभ वह आने वाले मरीजों को आसानी से उपलब्ध हो सके।इसी प्रकार उप जिला चिकित्सालयों में भी आधारभूत सुविधाओं के साथ ही एक्स-रे,अल्ट्रासाउंड,पैथौलॉजी आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। जबकि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉ.रावत ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि स्थानीय स्तर पर ही लोगों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाय ताकि कम से कम मरीजों को एम्स व अन्य निजी अस्पतालों में रैफर कराना पड़े। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि यदि कोई चिकित्सक अनावश्यक रूप से मरीजों को रैफर करते पाया जाता है उसके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि यदि आईपीएचएस मानकों के तहत अनुमन्य पदों के अलावा भी जिला या उप जिला चिकित्सालयों में स्टाफ की आवश्यकता पड़ती है तो इस संबंध में औचित्यपूर्ण प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में रखा जायेगा। बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ.आर.राजेश कुमार,महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ.सुनीता टम्टा,निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ.आशुतोष सयाना,राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य डॉ.अरूण जोशी,डाॅ.गीता जैन,डॉ.रंगील सिंह रैना,डॉ.अजय आर्य,अपर निदेशक चिकितसा शिक्षा डॉ.एम.सी.पंत,डॉ.अजीत जौहरी,डॉ.आनंद शुक्ला,डॉ.मुकेश रॉय,डॉ.अनिल नेगी,डॉ.एन.एस.नपच्याल उपस्थित रहे। जबकि सभी जनपदों के सीएमओ ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।