जंगली जानवरों की प्यास बुझाने के लिए वन विभाग ने किए बड़े इंतजाम हरिद्वार के जंगलों में जगह-जगह ट्यूबवेल
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर जंगलों में वन अग्नि को रोकने के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए पीने के पानी की कमी न ना रहे जिसको लेकर वन विभाग की ओर से एक ओर जहां हर रेंज में जलाशय बनाए जा रहे हैं वही तालाबों को पुनर्जीवित किया जा रहा है,सबसे अधिक हाथी प्रभावित क्षेत्र में हर वक्त पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए नलकूप लगाएं जा रहे हैं।हरिद्वार में गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान के साथ-साथ गर्मी भी अत्यधिक बढ़ रही है,हरिद्वार के जंगलों में भीषण गर्मी में जंगली जानवरों को प्यास बुझाने के लिए दूर-दूर जाना पड़ता था,लेकिन अब हरिद्वार के घने जंगलों में जहां जंगली जानवरों का बसेरा हैं,राजाजी टाइगर रिजर्व की विभिन्न अलग-अलग रेंज,श्यामपुर,रसिया बर्ड,लाल डांग,पथरी,रानीपुर रेंज यह शहर से लगने वाला घना जंगल जहां जंगली जानवरों के लिए उनके पानी पीने के लिए हर संभव प्रयास विभाग कर रहा हैं,उनके लिए जगह-जगह ट्यूबवेल से पानी आने की व्यवस्था की गई हैं,अब जंगल में ही हाथियों का झुंड,हिरण,तेंदुआ,बाग,या अन्य वन्य जीव अपनी प्यास आराम से बुझा सकेंगे।
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जंगली जानवरों की प्यास बुझाने के लिए वन विभाग ने किए बड़े इंतजाम हरिद्वार के जंगलों में जगह-जगह ट्यूबवेल
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर जंगलों में वन अग्नि को रोकने के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए पीने के पानी की कमी न ना रहे जिसको लेकर वन विभाग की ओर से एक ओर जहां हर रेंज में जलाशय बनाए जा रहे हैं वही तालाबों को पुनर्जीवित किया जा रहा है,सबसे अधिक हाथी प्रभावित क्षेत्र में हर वक्त पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए नलकूप लगाएं जा रहे हैं।हरिद्वार में गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान के साथ-साथ गर्मी भी अत्यधिक बढ़ रही है,हरिद्वार के जंगलों में भीषण गर्मी में जंगली जानवरों को प्यास बुझाने के लिए दूर-दूर जाना पड़ता था,लेकिन अब हरिद्वार के घने जंगलों में जहां जंगली जानवरों का बसेरा हैं,राजाजी टाइगर रिजर्व की विभिन्न अलग-अलग रेंज,श्यामपुर,रसिया बर्ड,लाल डांग,पथरी,रानीपुर रेंज यह शहर से लगने वाला घना जंगल जहां जंगली जानवरों के लिए उनके पानी पीने के लिए हर संभव प्रयास विभाग कर रहा हैं,उनके लिए जगह-जगह ट्यूबवेल से पानी आने की व्यवस्था की गई हैं,अब जंगल में ही हाथियों का झुंड,हिरण,तेंदुआ,बाग,या अन्य वन्य जीव अपनी प्यास आराम से बुझा सकेंगे।