प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद प्रायोजित शोध पद्धति कार्यशाला का सातवां दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।प्रथम सत्र में डॉ.अमरनाथ त्रिपाठी ने शोध के लिए मूलभूत सांख्यिकी एवं उन्नत सांख्यिकीय परीक्षण विषय पर व्याख्यान देते हुए बहुविविध प्रतिगमन के माध्यम से आंकड़ों के विश्लेषण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने सांख्यिकीय विधियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार संगणक आधारित सांख्यिकीय प्रणाली के माध्यम से आंकड़ों का विश्लेषण किया जा सकता है। यह सत्र प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।द्वितीय सत्र में डॉ.त्रिपाठी ने बहुविविध प्रतिगमन के व्यावहारिक पक्षों को समझाते हुए प्रतिभागियों को आंकड़ा समूह के माध्यम से अभ्यास कराया। इस दौरान प्रतिभागियों ने स्वयं आंकड़ों का विश्लेषण किया जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ और शोध कार्य में इसकी उपयोगिता को समझने का अवसर मिला।तृतीय सत्र में प्रो.मोहन सिंह पंवार ने उत्तराखंड में जलवायु सहनशीलता विषयक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने राज्य जलवायु कार्य योजना के पुनः संशोधन विकेंद्रीकृत शासन प्रणाली को सुदृढ़ करने स्थानीय स्तर पर क्षमता निर्माण जल स्रोतों के संरक्षण वनाग्नि नियंत्रण पारंपरिक और स्थानीय बीजों के संरक्षण सटीक मौसम पूर्वानुमान प्रणाली स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता जलवायु वित्त की उपलब्धता तथा जिला स्तर पर कार्य योजनाओं के निर्माण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। चतुर्थ सत्र में प्रो आर के मैखुरी ने एथनोग्राफिक पद्धति विश्लेषण एवं समूह चर्चा विषय पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए एथनोग्राफिक पद्धति की विशेषताओं तथा समूह चर्चा की प्रक्रिया को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि यह पद्धति सामाजिक अनुसंधान में गहराई से जानकारी प्राप्त करने का एक प्रभावी माध्यम है। यह सत्र प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी रहा। पंचम सत्र में डॉ.हसीबुर रहमान ने सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में गुणात्मक अध्ययन के अंतर्गत स्वॉट क्यूएम तथा सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने फील्ड स्तर से नीति निर्माण तक इन विधियों की उपयोगिता को समझाते हुए प्रतिभागियों को व्यवहारिक ज्ञान से समृद्ध किया। कार्यक्रम में प्रो.मोहन सिंह पंवार अध्यक्ष भूगोल विभाग डॉ.विजय कांत पुरोहित निदेशक मानव पर्वतीय पर्यावरण एवं संसाधन अध्ययन केंद्र तथा इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में निदेशक डॉ.देवेंद्र सिंह एवं सह कोर्स निदेशक डॉ.आलोक सागर गौतम द्वारा सत्र का समापन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन गढ़वाल विश्वविद्यालय के गौरव पुरोहित एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शोभित त्रिवेदी द्वारा किया गया।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद प्रायोजित शोध पद्धति कार्यशाला का सातवां दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।प्रथम सत्र में डॉ.अमरनाथ त्रिपाठी ने शोध के लिए मूलभूत सांख्यिकी एवं उन्नत सांख्यिकीय परीक्षण विषय पर व्याख्यान देते हुए बहुविविध प्रतिगमन के माध्यम से आंकड़ों के विश्लेषण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने सांख्यिकीय विधियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार संगणक आधारित सांख्यिकीय प्रणाली के माध्यम से आंकड़ों का विश्लेषण किया जा सकता है। यह सत्र प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।द्वितीय सत्र में डॉ.त्रिपाठी ने बहुविविध प्रतिगमन के व्यावहारिक पक्षों को समझाते हुए प्रतिभागियों को आंकड़ा समूह के माध्यम से अभ्यास कराया। इस दौरान प्रतिभागियों ने स्वयं आंकड़ों का विश्लेषण किया जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ और शोध कार्य में इसकी उपयोगिता को समझने का अवसर मिला।तृतीय सत्र में प्रो.मोहन सिंह पंवार ने उत्तराखंड में जलवायु सहनशीलता विषयक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने राज्य जलवायु कार्य योजना के पुनः संशोधन विकेंद्रीकृत शासन प्रणाली को सुदृढ़ करने स्थानीय स्तर पर क्षमता निर्माण जल स्रोतों के संरक्षण वनाग्नि नियंत्रण पारंपरिक और स्थानीय बीजों के संरक्षण सटीक मौसम पूर्वानुमान प्रणाली स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता जलवायु वित्त की उपलब्धता तथा जिला स्तर पर कार्य योजनाओं के निर्माण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। चतुर्थ सत्र में प्रो आर के मैखुरी ने एथनोग्राफिक पद्धति विश्लेषण एवं समूह चर्चा विषय पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए एथनोग्राफिक पद्धति की विशेषताओं तथा समूह चर्चा की प्रक्रिया को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि यह पद्धति सामाजिक अनुसंधान में गहराई से जानकारी प्राप्त करने का एक प्रभावी माध्यम है। यह सत्र प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी रहा। पंचम सत्र में डॉ.हसीबुर रहमान ने सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में गुणात्मक अध्ययन के अंतर्गत स्वॉट क्यूएम तथा सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने फील्ड स्तर से नीति निर्माण तक इन विधियों की उपयोगिता को समझाते हुए प्रतिभागियों को व्यवहारिक ज्ञान से समृद्ध किया। कार्यक्रम में प्रो.मोहन सिंह पंवार अध्यक्ष भूगोल विभाग डॉ.विजय कांत पुरोहित निदेशक मानव पर्वतीय पर्यावरण एवं संसाधन अध्ययन केंद्र तथा इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में निदेशक डॉ.देवेंद्र सिंह एवं सह कोर्स निदेशक डॉ.आलोक सागर गौतम द्वारा सत्र का समापन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन गढ़वाल विश्वविद्यालय के गौरव पुरोहित एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शोभित त्रिवेदी द्वारा किया गया।