प्रदीप कुमार
मुनिकीरेती-टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी जनपद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में गुमशुदा व्यक्तियों की शत-प्रतिशत बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मुनिकीरेती क्षेत्र से लापता 12 वर्षीय नाबालिग बालक को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर से सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया। बालक 4 अप्रैल 2026 को अपने घर से बिना बताए लापता हो गया था। इस संबंध में उसके पिता द्वारा 7 अप्रैल 2026 को थाना मुनिकीरेती में मामला दर्ज कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल पुलिस टीम का गठन किया गया और बालक की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने परिजनों से जानकारी जुटाई जिसमें पता चला कि बालक अक्सर गंगा घाट के आसपास रहता था। इसके आधार पर टीम ने गंगा घाट क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमें बालक ऋषिकेश बस अड्डे की ओर जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने बस अड्डा क्षेत्र में व्यापक पूछताछ की लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। खोजबीन के दौरान हरिद्वार और ऋषिकेश की धर्मशालाओं गुरुद्वारों और अन्य संभावित स्थानों पर भी तलाश की गई साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी बालक की जानकारी प्रसारित की गई। लगातार प्रयासों के बीच 13 अप्रैल 2026 को सूचना मिली कि बालक उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पास है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम परिजनों के साथ कानपुर पहुंची और बालक को सकुशल प्राप्त कर उसके परिवार को सौंप दिया। पूछताछ में बालक ने बताया कि वह ऋषिकेश बस अड्डे से एक यात्री बस में बैठकर कानपुर पहुंच गया था। बालक की सुरक्षित बरामदगी पर परिजनों ने टिहरी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली की सराहना की।जनपद में अन्य गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश का अभियान भी लगातार जारी है।
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प्रदीप कुमार
मुनिकीरेती-टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी जनपद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में गुमशुदा व्यक्तियों की शत-प्रतिशत बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मुनिकीरेती क्षेत्र से लापता 12 वर्षीय नाबालिग बालक को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर से सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया। बालक 4 अप्रैल 2026 को अपने घर से बिना बताए लापता हो गया था। इस संबंध में उसके पिता द्वारा 7 अप्रैल 2026 को थाना मुनिकीरेती में मामला दर्ज कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल पुलिस टीम का गठन किया गया और बालक की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने परिजनों से जानकारी जुटाई जिसमें पता चला कि बालक अक्सर गंगा घाट के आसपास रहता था। इसके आधार पर टीम ने गंगा घाट क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमें बालक ऋषिकेश बस अड्डे की ओर जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने बस अड्डा क्षेत्र में व्यापक पूछताछ की लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। खोजबीन के दौरान हरिद्वार और ऋषिकेश की धर्मशालाओं गुरुद्वारों और अन्य संभावित स्थानों पर भी तलाश की गई साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी बालक की जानकारी प्रसारित की गई। लगातार प्रयासों के बीच 13 अप्रैल 2026 को सूचना मिली कि बालक उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पास है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम परिजनों के साथ कानपुर पहुंची और बालक को सकुशल प्राप्त कर उसके परिवार को सौंप दिया। पूछताछ में बालक ने बताया कि वह ऋषिकेश बस अड्डे से एक यात्री बस में बैठकर कानपुर पहुंच गया था। बालक की सुरक्षित बरामदगी पर परिजनों ने टिहरी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली की सराहना की।जनपद में अन्य गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश का अभियान भी लगातार जारी है।