प्रदीप कुमार
भगवानपुर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कोतवाली भगवानपुर क्षेत्र में ऑपरेशन प्रहार को सफल बनाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 22 अप्रैल 2026 को कस्बा भगवानपुर क्षेत्र में मोबाइल शॉप संचालित कर रहे करीब 45 दुकानदारों के साथ कोतवाली प्रांगण में गोष्ठी आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता प्रभारी निरीक्षक ने की। गोष्ठी के दौरान व्यापारियों को जागरूक करते हुए पुलिस ने लापरवाही से बचने और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सभी दुकानदारों को अपनी दुकान में एक रजिस्टर रखने के निर्देश दिए गए जिसमें मोबाइल खरीदने और बेचने वाले व्यक्ति का आधार नंबर मोबाइल नंबर और पूरा पता दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सभी संचालकों को अपनी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए जिनका कवरेज सड़क तक होना अनिवार्य होगा। बिना बिल के किसी भी मोबाइल का लॉक न तोड़ने और पुराने मोबाइल खरीदने से पहले संचार साथी एप के माध्यम से आईएमईआई जांच करने को कहा गया। यदि कोई मोबाइल ब्लैक लिस्टेड पाया जाता है तो तुरंत पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने सभी मोबाइल दुकानदारों को एक व्हाट्सएप समूह बनाने के लिए भी कहा जिसमें क्षेत्र के पुलिस कर्मियों को भी जोड़ा जाएगा ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत साझा की जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस तरह की पहल से जहां आपराधिक तत्वों पर अंकुश लगेगा वहीं आमजन को भी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
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प्रदीप कुमार
भगवानपुर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कोतवाली भगवानपुर क्षेत्र में ऑपरेशन प्रहार को सफल बनाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 22 अप्रैल 2026 को कस्बा भगवानपुर क्षेत्र में मोबाइल शॉप संचालित कर रहे करीब 45 दुकानदारों के साथ कोतवाली प्रांगण में गोष्ठी आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता प्रभारी निरीक्षक ने की। गोष्ठी के दौरान व्यापारियों को जागरूक करते हुए पुलिस ने लापरवाही से बचने और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सभी दुकानदारों को अपनी दुकान में एक रजिस्टर रखने के निर्देश दिए गए जिसमें मोबाइल खरीदने और बेचने वाले व्यक्ति का आधार नंबर मोबाइल नंबर और पूरा पता दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सभी संचालकों को अपनी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए जिनका कवरेज सड़क तक होना अनिवार्य होगा। बिना बिल के किसी भी मोबाइल का लॉक न तोड़ने और पुराने मोबाइल खरीदने से पहले संचार साथी एप के माध्यम से आईएमईआई जांच करने को कहा गया। यदि कोई मोबाइल ब्लैक लिस्टेड पाया जाता है तो तुरंत पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने सभी मोबाइल दुकानदारों को एक व्हाट्सएप समूह बनाने के लिए भी कहा जिसमें क्षेत्र के पुलिस कर्मियों को भी जोड़ा जाएगा ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत साझा की जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस तरह की पहल से जहां आपराधिक तत्वों पर अंकुश लगेगा वहीं आमजन को भी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।