प्रदीप कुमार
ज्वालापुर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। ज्वालापुर जमीनी विवाद में हुई रवि चौहान की हत्या का हरिद्वार पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि कथित हिस्ट्रीशीटर और उसका साथी सुपारी लेकर हत्या करने में शामिल थे। 17 अप्रैल 2026 को ज्वालापुर निवासी महिला ने कोतवाली ज्वालापुर में शिकायत दी कि उनके पति रवि चौहान घर से बिना बताए कहीं चले गए हैं और उनका कोई पता नहीं चल रहा है। इस पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने तलाश शुरू की। तलाश के दौरान 19 अप्रैल को रवि चौहान का शव रानीपुर झाल से बरामद हुआ। शव की स्थिति देखकर हत्या की आशंका जताई गई जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों में सामने आया कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर रवि चौहान को अपने बीच बैठाकर हरीलोक तिराहा होते हुए रानीपुर झाल की ओर ले गए थे। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए संदिग्धों की पहचान की जिसमें एक आरोपी नदीम सामने आया। पूछताछ में नदीम और उसके साथी दानिश अली ने हत्या की बात कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने सीतापुर निवासी चाचा-भतीजे द्वारा दी गई डेढ़ लाख रुपये की सुपारी लेकर इस वारदात को अंजाम दिया। दोनों ने पहले मृतक को शराब पिलाई फिर मारपीट कर गला घोंट दिया और शव को नहर पटरी रानीपुर झाल पर फेंक दिया। जांच में यह भी सामने आया कि मृतक को उसके भाई द्वारा दी गई जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। भाई का दामाद इस बात से नाराज था और इसी विवाद के चलते उसने अपने भतीजे के साथ मिलकर हत्या की सुपारी दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नदीम और दानिश अली को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और सुपारी की रकम में से 61 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। हत्या की सुपारी देने वाले चाचा-भतीजे फिलहाल फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों में नदीम पुत्र मोहम्मद कुरैशी निवासी कस्साबान ज्वालापुर और दानिश अली पुत्र नजीर अहमद निवासी कस्साबान ज्वालापुर शामिल हैं। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह उपनिरीक्षक हर्ष अरोड़ा उपनिरीक्षक समीप पांडे उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल उपनिरीक्षक मनीष भंडारी अपर उपनिरीक्षक राकेश सिंह हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कांस्टेबल नवीन क्षेत्री और कांस्टेबल संदीप शामिल रहे। सीआईयू टीम में निरीक्षक नरेंद्र बिष्ट और कांस्टेबल वसीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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प्रदीप कुमार
ज्वालापुर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। ज्वालापुर जमीनी विवाद में हुई रवि चौहान की हत्या का हरिद्वार पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि कथित हिस्ट्रीशीटर और उसका साथी सुपारी लेकर हत्या करने में शामिल थे। 17 अप्रैल 2026 को ज्वालापुर निवासी महिला ने कोतवाली ज्वालापुर में शिकायत दी कि उनके पति रवि चौहान घर से बिना बताए कहीं चले गए हैं और उनका कोई पता नहीं चल रहा है। इस पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने तलाश शुरू की। तलाश के दौरान 19 अप्रैल को रवि चौहान का शव रानीपुर झाल से बरामद हुआ। शव की स्थिति देखकर हत्या की आशंका जताई गई जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों में सामने आया कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर रवि चौहान को अपने बीच बैठाकर हरीलोक तिराहा होते हुए रानीपुर झाल की ओर ले गए थे। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए संदिग्धों की पहचान की जिसमें एक आरोपी नदीम सामने आया। पूछताछ में नदीम और उसके साथी दानिश अली ने हत्या की बात कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने सीतापुर निवासी चाचा-भतीजे द्वारा दी गई डेढ़ लाख रुपये की सुपारी लेकर इस वारदात को अंजाम दिया। दोनों ने पहले मृतक को शराब पिलाई फिर मारपीट कर गला घोंट दिया और शव को नहर पटरी रानीपुर झाल पर फेंक दिया। जांच में यह भी सामने आया कि मृतक को उसके भाई द्वारा दी गई जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। भाई का दामाद इस बात से नाराज था और इसी विवाद के चलते उसने अपने भतीजे के साथ मिलकर हत्या की सुपारी दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नदीम और दानिश अली को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और सुपारी की रकम में से 61 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। हत्या की सुपारी देने वाले चाचा-भतीजे फिलहाल फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों में नदीम पुत्र मोहम्मद कुरैशी निवासी कस्साबान ज्वालापुर और दानिश अली पुत्र नजीर अहमद निवासी कस्साबान ज्वालापुर शामिल हैं। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह उपनिरीक्षक हर्ष अरोड़ा उपनिरीक्षक समीप पांडे उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल उपनिरीक्षक मनीष भंडारी अपर उपनिरीक्षक राकेश सिंह हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कांस्टेबल नवीन क्षेत्री और कांस्टेबल संदीप शामिल रहे। सीआईयू टीम में निरीक्षक नरेंद्र बिष्ट और कांस्टेबल वसीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।