प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में पहली बार प्रवासी पंचायत 2026 का आयोजन नई टिहरी स्थित विकास भवन के समीप खेल भवन सभागार में किया गया जिसमें प्रवासियों के अनुभवों और सुझावों के आधार पर पलायन रोकने और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग उत्तराखण्ड के तत्वाधान में आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रवासियों ने भाग लेकर अपने विचार और अनुभव साझा किए। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद आयोग के उपाध्यक्ष शरद सिंह नेगी ने राज्य सरकार द्वारा पलायन रोकथाम और रिवर्स पलायन के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।उन्होंने कहा कि उद्देश्य पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकना और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। सदस्य सचिव भरत चन्द्र भट्ट ने बताया कि प्रदेश के लगभग सभी पहाड़ी जनपदों से पलायन हुआ है जिसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार कृषि पर्यटन और लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि बाहर जाकर सफलता प्राप्त करने वाले लोगों का रिवर्स पलायन में स्वागत है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मजबूरी में पलायन करते हैं उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना विभागों की जिम्मेदारी है ताकि वे अपने क्षेत्र में ही आजीविका प्राप्त कर सकें। बैठक के दौरान प्रवासियों ने अपने अनुभव सुझाव और समस्याएं साझा कीं जिन पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रवासियों ने स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन आधारभूत सुविधाओं के विकास शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रवासियों के अनुभवों को नीति निर्माण में शामिल करना और पलायन की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा। इस अवसर पर आयोग के सदस्य राम प्रकाश पैन्यूली जिला विकास अधिकारी मो असलम विभिन्न विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी और जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रवासी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में पहली बार प्रवासी पंचायत 2026 का आयोजन नई टिहरी स्थित विकास भवन के समीप खेल भवन सभागार में किया गया जिसमें प्रवासियों के अनुभवों और सुझावों के आधार पर पलायन रोकने और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग उत्तराखण्ड के तत्वाधान में आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रवासियों ने भाग लेकर अपने विचार और अनुभव साझा किए। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद आयोग के उपाध्यक्ष शरद सिंह नेगी ने राज्य सरकार द्वारा पलायन रोकथाम और रिवर्स पलायन के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।उन्होंने कहा कि उद्देश्य पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकना और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। सदस्य सचिव भरत चन्द्र भट्ट ने बताया कि प्रदेश के लगभग सभी पहाड़ी जनपदों से पलायन हुआ है जिसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार कृषि पर्यटन और लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि बाहर जाकर सफलता प्राप्त करने वाले लोगों का रिवर्स पलायन में स्वागत है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मजबूरी में पलायन करते हैं उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना विभागों की जिम्मेदारी है ताकि वे अपने क्षेत्र में ही आजीविका प्राप्त कर सकें। बैठक के दौरान प्रवासियों ने अपने अनुभव सुझाव और समस्याएं साझा कीं जिन पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रवासियों ने स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन आधारभूत सुविधाओं के विकास शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रवासियों के अनुभवों को नीति निर्माण में शामिल करना और पलायन की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा। इस अवसर पर आयोग के सदस्य राम प्रकाश पैन्यूली जिला विकास अधिकारी मो असलम विभिन्न विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी और जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रवासी उपस्थित रहे।