प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। यात्रा को सुगम सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार लगातार धाम क्षेत्र में ग्राउंड जीरो पर रहकर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा ले रहे हैं और हर छोटे-बड़े पहलू पर नजर बनाए हुए हैं। दिन की शुरुआत एक सकारात्मक संदेश के साथ हुई जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसका उद्देश्य ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश देना रहा। इसके उपरांत कोतवाली बद्रीनाथ में तैनात होमगार्ड के जवानों को ठंड से बचाव के लिए जैकेट वितरित किए गए। अधिकारियों ने उन्हें निर्देशित किया कि वे विषम मौसम परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए पूरी मुस्तैदी और समर्पण के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहें ताकि यात्रा व्यवस्थाएं सुचारु और सुरक्षित बनी रहें। पहली बार वीवीआईपी ड्यूटी पर तैनात रिक्रूट आरक्षियों से भी अधिकारियों ने सीधे संवाद किया। इस दौरान उनके अनुभवों को विस्तार से सुना गया और उन्हें आत्मविश्वास अनुशासन तथा सजगता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उनका मनोबल बढ़ाते हुए बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया और सेवा भाव के साथ ड्यूटी करने की सीख दी गई। निरीक्षण के क्रम में ब्रह्म कपाल क्षेत्र एवं मंदिर में दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की कतारों की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के व्यवस्थापन से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जूता काउंटर मोबाइल काउंटर मंदिर परिसर के भीतर माइक व्यवस्था तथा कतार प्रबंधन को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुदृढ़ किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और दर्शन प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके। इसके साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भोजनालय का भी निरीक्षण किया जहां ड्यूटी में तैनात जवानों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता स्वच्छता और पोषण स्तर की बारीकी से जांच की गई। दोनों अधिकारियों ने केवल व्यवस्थाओं का निरीक्षण ही नहीं किया बल्कि श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनसे सीधे संवाद भी किया। दर्शन कर लौट रहे तीर्थयात्रियों से बातचीत कर यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए अपने सुझाव भी साझा किए और कतारों के सुचारू संचालन तथा सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार की सराहना की। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट पुलिस उपाधीक्षक भावना कैन्थोला पुलिस उपाधीक्षक होशियार सिंह पंखोली सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। यात्रा को सुगम सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार लगातार धाम क्षेत्र में ग्राउंड जीरो पर रहकर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा ले रहे हैं और हर छोटे-बड़े पहलू पर नजर बनाए हुए हैं। दिन की शुरुआत एक सकारात्मक संदेश के साथ हुई जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसका उद्देश्य ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश देना रहा। इसके उपरांत कोतवाली बद्रीनाथ में तैनात होमगार्ड के जवानों को ठंड से बचाव के लिए जैकेट वितरित किए गए। अधिकारियों ने उन्हें निर्देशित किया कि वे विषम मौसम परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए पूरी मुस्तैदी और समर्पण के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहें ताकि यात्रा व्यवस्थाएं सुचारु और सुरक्षित बनी रहें। पहली बार वीवीआईपी ड्यूटी पर तैनात रिक्रूट आरक्षियों से भी अधिकारियों ने सीधे संवाद किया। इस दौरान उनके अनुभवों को विस्तार से सुना गया और उन्हें आत्मविश्वास अनुशासन तथा सजगता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उनका मनोबल बढ़ाते हुए बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया और सेवा भाव के साथ ड्यूटी करने की सीख दी गई। निरीक्षण के क्रम में ब्रह्म कपाल क्षेत्र एवं मंदिर में दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की कतारों की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के व्यवस्थापन से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जूता काउंटर मोबाइल काउंटर मंदिर परिसर के भीतर माइक व्यवस्था तथा कतार प्रबंधन को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुदृढ़ किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और दर्शन प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके। इसके साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भोजनालय का भी निरीक्षण किया जहां ड्यूटी में तैनात जवानों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता स्वच्छता और पोषण स्तर की बारीकी से जांच की गई। दोनों अधिकारियों ने केवल व्यवस्थाओं का निरीक्षण ही नहीं किया बल्कि श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनसे सीधे संवाद भी किया। दर्शन कर लौट रहे तीर्थयात्रियों से बातचीत कर यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए अपने सुझाव भी साझा किए और कतारों के सुचारू संचालन तथा सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार की सराहना की। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट पुलिस उपाधीक्षक भावना कैन्थोला पुलिस उपाधीक्षक होशियार सिंह पंखोली सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।