प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झर्त में गृह आधारित प्रसवों की संख्या शून्य करने के उद्देश्य से जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान झर्त प्रियंका देवी ने की। शिविर में जिला सलाहकार एनसीडी स्वेता गुसाई ने संस्थागत प्रसव और मातृत्व सुरक्षा को लेकर संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना जननी शिशु सुरक्षा योजना तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया और महिलाओं को इनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। महिला चिकित्साधिकारी डॉ.सोमाली ने गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। साथ ही एनीमिया से बचाव के लिए संतुलित आहार लेने आयरन और कैल्शियम का सेवन करने तथा परिवार नियोजन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। शिविर के दौरान 7 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच भी की गई और उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया। ग्राम प्रधान प्रियंका देवी ने आकस्मिक एंबुलेंस सेवा 108 को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झर्त के अंतर्गत आने वाली गर्भवती महिलाओं को इस सेवा का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश महिलाएं प्रसव के लिए बेस चिकित्सालय कोटद्वार जाती हैं जिसके लिए उन्हें निजी वाहन का उपयोग करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि 108 सेवा द्वारा गर्भवती महिलाओं को केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल ले जाया जाता है जहां आपात स्थिति के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद महिलाओं को फिर से रेफर कर कोटद्वार या अन्य अस्पताल भेजना पड़ता है जिससे दूरी बढ़ने के कारण जच्चा-बच्चा की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि गर्भवती महिलाओं को 108 सेवा का लाभ उनके द्वारा चुने गए चिकित्सालय के आधार पर दिया जाना चाहिए न कि केवल ब्लॉक स्तर के अस्पताल तक सीमित रखा जाए। इस अवसर पर डॉ.आलोक कोहली जिला आईईसी समन्वयक शकुंतला नेगी एएनएम प्रीतम नवीन रावत कोमल पुष्पा देवी आनंद मोहन काला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झर्त में गृह आधारित प्रसवों की संख्या शून्य करने के उद्देश्य से जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान झर्त प्रियंका देवी ने की। शिविर में जिला सलाहकार एनसीडी स्वेता गुसाई ने संस्थागत प्रसव और मातृत्व सुरक्षा को लेकर संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना जननी शिशु सुरक्षा योजना तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया और महिलाओं को इनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। महिला चिकित्साधिकारी डॉ.सोमाली ने गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। साथ ही एनीमिया से बचाव के लिए संतुलित आहार लेने आयरन और कैल्शियम का सेवन करने तथा परिवार नियोजन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। शिविर के दौरान 7 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच भी की गई और उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया। ग्राम प्रधान प्रियंका देवी ने आकस्मिक एंबुलेंस सेवा 108 को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झर्त के अंतर्गत आने वाली गर्भवती महिलाओं को इस सेवा का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश महिलाएं प्रसव के लिए बेस चिकित्सालय कोटद्वार जाती हैं जिसके लिए उन्हें निजी वाहन का उपयोग करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि 108 सेवा द्वारा गर्भवती महिलाओं को केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल ले जाया जाता है जहां आपात स्थिति के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद महिलाओं को फिर से रेफर कर कोटद्वार या अन्य अस्पताल भेजना पड़ता है जिससे दूरी बढ़ने के कारण जच्चा-बच्चा की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि गर्भवती महिलाओं को 108 सेवा का लाभ उनके द्वारा चुने गए चिकित्सालय के आधार पर दिया जाना चाहिए न कि केवल ब्लॉक स्तर के अस्पताल तक सीमित रखा जाए। इस अवसर पर डॉ.आलोक कोहली जिला आईईसी समन्वयक शकुंतला नेगी एएनएम प्रीतम नवीन रावत कोमल पुष्पा देवी आनंद मोहन काला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।