प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। 24 अप्रैल जनगणना 2026 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने शुक्रवार को एनआईसी कक्ष में आयोजित बैठक में विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने जनगणना कार्य से जुड़े प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को दिए गए प्रशिक्षण की स्थिति का आकलन करते हुए कार्य की गुणवत्ता शुद्धता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनगणना का प्रथम चरण 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों से उनके-अपने क्षेत्रों में स्व गणना की प्रगति की जानकारी प्राप्त की तथा जनगणना से पूर्व किए गए सीमांकन कार्य की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि जनपद में सीमांकन का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूर्ण गंभीरता, जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ संपादित किया जाए। प्रत्येक प्रगणक और पर्यवेक्षक को प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर उसी के अनुरूप कार्य करने को कहा गया ताकि निर्धारित समयावधि के भीतर कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी प्रगणक 27 अप्रैल तक अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कुल परिवारों की संख्या का आकलन कर उसकी रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रभारी अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि जनगणना कार्य की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से की जाए जिससे प्रगति की सतत निगरानी हो सके और किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की योजना निर्माण प्रक्रिया का आधार है इसलिए आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता सर्वोपरि है। सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए इस कार्य को सफल बनाएं। साथ ही अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि क्षेत्रीय स्तर पर यदि कोई समस्या या तकनीकी कठिनाई उत्पन्न होती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि जनगणना कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। बैठक में प्रभारी अपर जिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी जिला शिक्षाधिकारी प्राथमिक अंशुल बिष्ट अपर सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला जनगणना कार्य निदेशालय देहरादून से मास्टर ट्रेनर कमल कर्नाटक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। 24 अप्रैल जनगणना 2026 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने शुक्रवार को एनआईसी कक्ष में आयोजित बैठक में विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने जनगणना कार्य से जुड़े प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को दिए गए प्रशिक्षण की स्थिति का आकलन करते हुए कार्य की गुणवत्ता शुद्धता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनगणना का प्रथम चरण 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों से उनके-अपने क्षेत्रों में स्व गणना की प्रगति की जानकारी प्राप्त की तथा जनगणना से पूर्व किए गए सीमांकन कार्य की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि जनपद में सीमांकन का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूर्ण गंभीरता, जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ संपादित किया जाए। प्रत्येक प्रगणक और पर्यवेक्षक को प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर उसी के अनुरूप कार्य करने को कहा गया ताकि निर्धारित समयावधि के भीतर कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी प्रगणक 27 अप्रैल तक अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कुल परिवारों की संख्या का आकलन कर उसकी रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रभारी अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि जनगणना कार्य की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से की जाए जिससे प्रगति की सतत निगरानी हो सके और किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की योजना निर्माण प्रक्रिया का आधार है इसलिए आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता सर्वोपरि है। सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए इस कार्य को सफल बनाएं। साथ ही अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि क्षेत्रीय स्तर पर यदि कोई समस्या या तकनीकी कठिनाई उत्पन्न होती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि जनगणना कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। बैठक में प्रभारी अपर जिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी जिला शिक्षाधिकारी प्राथमिक अंशुल बिष्ट अपर सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला जनगणना कार्य निदेशालय देहरादून से मास्टर ट्रेनर कमल कर्नाटक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।