प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। रिखणीखाल क्षेत्र में झूठी और भ्रामक सूचना देने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ चालानी कार्यवाही की है। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने त्वरित जांच कर सच्चाई सामने लाई। पुलिस कंट्रोल रूम को 28 अप्रैल 2026 को महेश कुमार निवासी गडवाघाट पौड़ी द्वारा सूचना दी गई कि रिखणीखाल स्थित पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारियों ने उसकी पुत्री के साथ अनुचित कृत्य कर वीडियो बनाया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना रिखणीखाल पुलिस ने तत्काल टीम को मौके पर भेजकर जांच शुरू की। जांच के दौरान कॉलर से संपर्क करने पर वह बार-बार भ्रामक जानकारी देता रहा। स्थानीय स्तर पर सत्यापन करने पर पता चला कि संबंधित व्यक्ति पिछले करीब दो वर्षों से किराए पर रह रहा है और पारिवारिक विवाद के चलते वर्ष 2025 में उसका तलाक हो चुका है। उसके बच्चे उसके साथ नहीं रहते हैं। यह भी सामने आया कि वह पहले बैंक में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्य कर चुका है और बैंक कर्मचारियों के साथ उसका विवाद चल रहा था जिसके चलते वह निलंबित है। विस्तृत जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कॉलर द्वारा दी गई सूचना पूरी तरह असत्य और भ्रामक थी जिससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झूठी सूचना देने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत चालानी कार्यवाही की है।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। रिखणीखाल क्षेत्र में झूठी और भ्रामक सूचना देने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ चालानी कार्यवाही की है। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने त्वरित जांच कर सच्चाई सामने लाई। पुलिस कंट्रोल रूम को 28 अप्रैल 2026 को महेश कुमार निवासी गडवाघाट पौड़ी द्वारा सूचना दी गई कि रिखणीखाल स्थित पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारियों ने उसकी पुत्री के साथ अनुचित कृत्य कर वीडियो बनाया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना रिखणीखाल पुलिस ने तत्काल टीम को मौके पर भेजकर जांच शुरू की। जांच के दौरान कॉलर से संपर्क करने पर वह बार-बार भ्रामक जानकारी देता रहा। स्थानीय स्तर पर सत्यापन करने पर पता चला कि संबंधित व्यक्ति पिछले करीब दो वर्षों से किराए पर रह रहा है और पारिवारिक विवाद के चलते वर्ष 2025 में उसका तलाक हो चुका है। उसके बच्चे उसके साथ नहीं रहते हैं। यह भी सामने आया कि वह पहले बैंक में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्य कर चुका है और बैंक कर्मचारियों के साथ उसका विवाद चल रहा था जिसके चलते वह निलंबित है। विस्तृत जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कॉलर द्वारा दी गई सूचना पूरी तरह असत्य और भ्रामक थी जिससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झूठी सूचना देने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत चालानी कार्यवाही की है।