आपदा प्रबंधन केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर दुर्घटना से निपटने की मॉक ड्रिल का आयोजन
प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर दुर्घटना जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए शुक्रवार को एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।इस अभ्यास का नेतृत्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार ने किया। मॉक ड्रिल का आयोजन पुलिस मुख्यालय से निर्गत आदेशों एवं पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशों के क्रम में किया गया।इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य संभावित हेलीकॉप्टर दुर्घटना की स्थिति में त्वरित,प्रभावी और समन्वित अग्निशमन एवं राहत-बचाव कार्यों को परखना और मजबूत बनाना था। अभ्यास में अग्निशमन विभाग के साथ ही यूकाडा,हेली सेवा प्रदाता कंपनियाँ,जिला प्रशासन और अन्य सम्बंधित एजेंसियाँ भी शामिल रहीं।मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक हेलीकॉप्टर दुर्घटना की स्थिति को दर्शाया गया,जिसमें आग बुझाने,घायलों को सुरक्षित निकालने,प्राथमिक उपचार प्रदान करने और हवाई निकासी जैसी प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से अंजाम दिया गया।मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार ने बताया कि केदारनाथ धाम हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होता है। ऐसी मॉक ड्रिल न केवल हमारी तैयारियों की परीक्षा होती हैं,बल्कि यह सुनिश्चित करती हैं कि किसी भी आपदा की स्थिति में जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।प्रशासन ने इस सफल अभ्यास के लिए सभी प्रतिभागी एजेंसियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।
Spread the love
आपदा प्रबंधन केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर दुर्घटना से निपटने की मॉक ड्रिल का आयोजन
प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर दुर्घटना जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए शुक्रवार को एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।इस अभ्यास का नेतृत्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार ने किया। मॉक ड्रिल का आयोजन पुलिस मुख्यालय से निर्गत आदेशों एवं पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशों के क्रम में किया गया।इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य संभावित हेलीकॉप्टर दुर्घटना की स्थिति में त्वरित,प्रभावी और समन्वित अग्निशमन एवं राहत-बचाव कार्यों को परखना और मजबूत बनाना था। अभ्यास में अग्निशमन विभाग के साथ ही यूकाडा,हेली सेवा प्रदाता कंपनियाँ,जिला प्रशासन और अन्य सम्बंधित एजेंसियाँ भी शामिल रहीं।मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक हेलीकॉप्टर दुर्घटना की स्थिति को दर्शाया गया,जिसमें आग बुझाने,घायलों को सुरक्षित निकालने,प्राथमिक उपचार प्रदान करने और हवाई निकासी जैसी प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से अंजाम दिया गया।मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार ने बताया कि केदारनाथ धाम हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होता है। ऐसी मॉक ड्रिल न केवल हमारी तैयारियों की परीक्षा होती हैं,बल्कि यह सुनिश्चित करती हैं कि किसी भी आपदा की स्थिति में जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।प्रशासन ने इस सफल अभ्यास के लिए सभी प्रतिभागी एजेंसियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।