प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग सिंचाई लघु सिंचाई कौशल शिक्षा एवं सेवायोजन तकनीकी शिक्षा पशुपालन मत्स्य तथा उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि धीमी गति से संचालित परियोजनाओं में तेजी लाई जाए और लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर कार्यों की सतत निगरानी करने और जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण अवसंरचना कार्यों की पहचान करने को कहा ताकि ऐसे प्रस्ताव नाबार्ड के आरआईडीएफ के अंतर्गत भेजे जा सकें। उन्होंने कहा कि जिले के संतुलित विकास के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। बैठक में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्रेयांश जोशी ने आरआईडीएफ के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया और विभागों को दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने को कहा। इस अवसर पर परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी मुख्य चिकित्साधिकारी नितेंद्र सिंह मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अशीम देब सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग सिंचाई लघु सिंचाई कौशल शिक्षा एवं सेवायोजन तकनीकी शिक्षा पशुपालन मत्स्य तथा उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि धीमी गति से संचालित परियोजनाओं में तेजी लाई जाए और लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर कार्यों की सतत निगरानी करने और जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण अवसंरचना कार्यों की पहचान करने को कहा ताकि ऐसे प्रस्ताव नाबार्ड के आरआईडीएफ के अंतर्गत भेजे जा सकें। उन्होंने कहा कि जिले के संतुलित विकास के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। बैठक में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्रेयांश जोशी ने आरआईडीएफ के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया और विभागों को दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने को कहा। इस अवसर पर परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी मुख्य चिकित्साधिकारी नितेंद्र सिंह मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अशीम देब सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।