प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में सचिव पायल सिंह की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत जैली में वरिष्ठ नागरिकों महिलाओं तथा असंगठित क्षेत्र में कामगारों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सचिव द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के अंतर्गत माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया गया कि वरिष्ठ नागरिक अपने भरण-पोषण और सम्मानजनक जीवन के लिए कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। महिलाओं के अधिकारों के अंतर्गत घरेलू हिंसा से संरक्षण कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से सुरक्षा दहेज प्रतिषेध तथा संपत्ति में अधिकार जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। असंगठित क्षेत्र में कामगारों के अधिकारों के संबंध में ई-श्रम पंजीकरण सामाजिक सुरक्षा योजनाएं न्यूनतम मजदूरी और श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। इस अवसर पर पैराविधिक स्वयंसेवकों द्वारा घरेलू हिंसा विषय पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को घरेलू हिंसा के दुष्परिणामों और उससे संबंधित कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया तथा यह संदेश दिया गया कि घरेलू हिंसा एक दंडनीय अपराध है और पीड़ितों को इसके विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए। शिविर में उपस्थित स्कूल के बच्चों और ग्रामीणों को विभिन्न विधिक प्रावधानों योजनाओं और उनके अधिकारों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता और योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में सचिव पायल सिंह की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत जैली में वरिष्ठ नागरिकों महिलाओं तथा असंगठित क्षेत्र में कामगारों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सचिव द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के अंतर्गत माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया गया कि वरिष्ठ नागरिक अपने भरण-पोषण और सम्मानजनक जीवन के लिए कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। महिलाओं के अधिकारों के अंतर्गत घरेलू हिंसा से संरक्षण कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से सुरक्षा दहेज प्रतिषेध तथा संपत्ति में अधिकार जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। असंगठित क्षेत्र में कामगारों के अधिकारों के संबंध में ई-श्रम पंजीकरण सामाजिक सुरक्षा योजनाएं न्यूनतम मजदूरी और श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। इस अवसर पर पैराविधिक स्वयंसेवकों द्वारा घरेलू हिंसा विषय पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को घरेलू हिंसा के दुष्परिणामों और उससे संबंधित कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया तथा यह संदेश दिया गया कि घरेलू हिंसा एक दंडनीय अपराध है और पीड़ितों को इसके विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए। शिविर में उपस्थित स्कूल के बच्चों और ग्रामीणों को विभिन्न विधिक प्रावधानों योजनाओं और उनके अधिकारों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता और योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।