प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर जारी निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को पुलिस कार्यालय गोपेश्वर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में महत्वपूर्ण समन्वय गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जनपद के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा, दुर्घटनाओं की रोकथाम और अनाधिकृत पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार और सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली पुनीत कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की। अधिकारियों ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। गोष्ठी में निर्णय लिया गया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया तथा राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों से अवगत कराते हुए उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही भविष्य में इस विषय पर विधिक सेवा प्राधिकरण स्तर पर भी संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनाधिकृत रूप से खड़े और पार्क किए जाने वाले वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। पुलिस उपाधीक्षक यातायात त्रिवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आई-रेड एप का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े विस्तृत आंकड़े दर्ज किए जा रहे हैं जिनमें दुर्घटना का समय सड़क की स्थिति मौसम दृश्यता और वाहनों से संबंधित जानकारी शामिल है। इन आंकड़ों के आधार पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड सीसीटीवी कैमरे तथा अन्य सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पुनीत कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फलोदी दुर्घटना बनाम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं अन्य वाद में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन पुलिस परिवहन विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ शीघ्र ही व्यापक समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। गोष्ठी में एडवोकेट समीर बहुगुणा सहित अन्य अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर जारी निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को पुलिस कार्यालय गोपेश्वर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में महत्वपूर्ण समन्वय गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जनपद के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा, दुर्घटनाओं की रोकथाम और अनाधिकृत पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार और सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली पुनीत कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की। अधिकारियों ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। गोष्ठी में निर्णय लिया गया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया तथा राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों से अवगत कराते हुए उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही भविष्य में इस विषय पर विधिक सेवा प्राधिकरण स्तर पर भी संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनाधिकृत रूप से खड़े और पार्क किए जाने वाले वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। पुलिस उपाधीक्षक यातायात त्रिवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आई-रेड एप का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े विस्तृत आंकड़े दर्ज किए जा रहे हैं जिनमें दुर्घटना का समय सड़क की स्थिति मौसम दृश्यता और वाहनों से संबंधित जानकारी शामिल है। इन आंकड़ों के आधार पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड सीसीटीवी कैमरे तथा अन्य सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पुनीत कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फलोदी दुर्घटना बनाम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं अन्य वाद में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन पुलिस परिवहन विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ शीघ्र ही व्यापक समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। गोष्ठी में एडवोकेट समीर बहुगुणा सहित अन्य अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।