प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम यात्रा-2026 के सफल सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन के दृष्टिगत जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशानुसार सेक्टर सोनप्रयाग क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भीड़ नियंत्रण पार्किंग संचालन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण प्रातः 10:30 बजे मुनकटिया से लेकर सोनप्रयाग पार्किंग शटल पार्किंग एवं सीतापुर पार्किंग क्षेत्र तक किया गया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ऊखीमठ रमेश रावत यात्रा मजिस्ट्रेट सोनप्रयाग शंकर सिंह तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट सोनप्रयाग डॉ.धनेंद्र वशिष्ठ द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने यात्री आवागमन पार्किंग संचालन शटल सेवा सफाई व्यवस्था तथा यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में पाया गया कि सोनप्रयाग से गौरीकुण्ड तक संचालित शटल सेवा सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही है। यात्री कतारबद्ध होकर सुरक्षित ढंग से आवागमन कर रहे हैं तथा मार्ग में कहीं भी जाम अथवा अव्यवस्था की स्थिति नहीं पाई गई। अधिकारियों ने संबंधित व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए यात्रा संचालन में लगे कार्मिकों की कार्यप्रणाली की सराहना की। यात्रा मार्ग पर सफाई व्यवस्था सामान्यतः संतोषजनक पाई गई तथा स्थापित शौचालय भी सुचारू रूप से कार्यरत मिले। हालांकि सोनप्रयाग पार्किंग एवं सीतापुर पार्किंग क्षेत्र में सफाई व्यवस्था अपेक्षाकृत असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि यात्रा अवधि के दौरान सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त व्हीलचेयर संचालन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए जाने हेतु जिला पंचायत कार्यालय में दिनेश नौटियाल एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्हीलचेयर संचालकों के सत्यापन लाइसेंस निर्गमन तथा निर्धारित किराया व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए ताकि यात्रियों को सुरक्षित सुगम एवं पारदर्शी सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। समग्र रूप से निरीक्षण के दौरान यात्रा संचालन व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाए रखने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
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प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम यात्रा-2026 के सफल सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन के दृष्टिगत जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशानुसार सेक्टर सोनप्रयाग क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भीड़ नियंत्रण पार्किंग संचालन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण प्रातः 10:30 बजे मुनकटिया से लेकर सोनप्रयाग पार्किंग शटल पार्किंग एवं सीतापुर पार्किंग क्षेत्र तक किया गया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ऊखीमठ रमेश रावत यात्रा मजिस्ट्रेट सोनप्रयाग शंकर सिंह तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट सोनप्रयाग डॉ.धनेंद्र वशिष्ठ द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने यात्री आवागमन पार्किंग संचालन शटल सेवा सफाई व्यवस्था तथा यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में पाया गया कि सोनप्रयाग से गौरीकुण्ड तक संचालित शटल सेवा सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही है। यात्री कतारबद्ध होकर सुरक्षित ढंग से आवागमन कर रहे हैं तथा मार्ग में कहीं भी जाम अथवा अव्यवस्था की स्थिति नहीं पाई गई। अधिकारियों ने संबंधित व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए यात्रा संचालन में लगे कार्मिकों की कार्यप्रणाली की सराहना की। यात्रा मार्ग पर सफाई व्यवस्था सामान्यतः संतोषजनक पाई गई तथा स्थापित शौचालय भी सुचारू रूप से कार्यरत मिले। हालांकि सोनप्रयाग पार्किंग एवं सीतापुर पार्किंग क्षेत्र में सफाई व्यवस्था अपेक्षाकृत असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि यात्रा अवधि के दौरान सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त व्हीलचेयर संचालन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए जाने हेतु जिला पंचायत कार्यालय में दिनेश नौटियाल एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्हीलचेयर संचालकों के सत्यापन लाइसेंस निर्गमन तथा निर्धारित किराया व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए ताकि यात्रियों को सुरक्षित सुगम एवं पारदर्शी सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। समग्र रूप से निरीक्षण के दौरान यात्रा संचालन व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाए रखने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।