प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए उत्तराखण्ड पुलिस लगातार संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। यात्रा के बीच अपनों से बिछड़ जाने वाले श्रद्धालुओं को उनके परिवारों से मिलाकर पुलिस कर्मी लगातार मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। यात्रा के दौरान गुजरात निवासी सुशीला बेन पत्नी महादेव भाई पटेल अपने परिजनों से बिछड़ गई थीं। अपरिचित स्थान पर परिवार से अलग हो जाने के कारण वह काफी परेशान हो गईं। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड ईश्वरी एवं कंट्रोल रूम टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाई और लगातार अनाउंसमेंट कर परिजनों की खोज शुरू की। काफी प्रयासों के बाद सुशीला बेन को सकुशल उनके परिवारजनों से मिलाया गया। अपने परिजनों से दोबारा मिलते ही उनके चेहरे पर खुशी लौट आई। इसी प्रकार नेपाल के बेनी निवासी उमा कुमारी भी यात्रा के दौरान अपने परिजन देवी प्रसाद से बिछड़ गई थीं। सूचना प्राप्त होते ही उपनिरीक्षक मनदीप सिंह हेड कांस्टेबल हिमांशु जोशी एवं होमगार्ड ईश्वरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन शुरू की। पुलिस टीम के प्रयासों से उमा कुमारी को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया गया। अपने परिजनों से दोबारा मिलकर श्रद्धालुओं और उनके परिवारजनों ने राहत महसूस की तथा उत्तराखण्ड पुलिस की तत्परता संवेदनशीलता और सहयोगपूर्ण कार्यशैली की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया। चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखण्ड पुलिस लगातार श्रद्धालुओं की सहायता सुरक्षा और सुगम यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रही है जिससे यात्रियों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बना हुआ है।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए उत्तराखण्ड पुलिस लगातार संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। यात्रा के बीच अपनों से बिछड़ जाने वाले श्रद्धालुओं को उनके परिवारों से मिलाकर पुलिस कर्मी लगातार मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। यात्रा के दौरान गुजरात निवासी सुशीला बेन पत्नी महादेव भाई पटेल अपने परिजनों से बिछड़ गई थीं। अपरिचित स्थान पर परिवार से अलग हो जाने के कारण वह काफी परेशान हो गईं। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड ईश्वरी एवं कंट्रोल रूम टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाई और लगातार अनाउंसमेंट कर परिजनों की खोज शुरू की। काफी प्रयासों के बाद सुशीला बेन को सकुशल उनके परिवारजनों से मिलाया गया। अपने परिजनों से दोबारा मिलते ही उनके चेहरे पर खुशी लौट आई। इसी प्रकार नेपाल के बेनी निवासी उमा कुमारी भी यात्रा के दौरान अपने परिजन देवी प्रसाद से बिछड़ गई थीं। सूचना प्राप्त होते ही उपनिरीक्षक मनदीप सिंह हेड कांस्टेबल हिमांशु जोशी एवं होमगार्ड ईश्वरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन शुरू की। पुलिस टीम के प्रयासों से उमा कुमारी को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया गया। अपने परिजनों से दोबारा मिलकर श्रद्धालुओं और उनके परिवारजनों ने राहत महसूस की तथा उत्तराखण्ड पुलिस की तत्परता संवेदनशीलता और सहयोगपूर्ण कार्यशैली की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया। चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखण्ड पुलिस लगातार श्रद्धालुओं की सहायता सुरक्षा और सुगम यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रही है जिससे यात्रियों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बना हुआ है।