प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए उत्तराखण्ड पुलिस लगातार संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही है। यात्रा के दौरान खोए हुए सामान को सुरक्षित वापस लौटाकर पुलिस कर्मियों ने एक बार फिर अपनी ईमानदारी और तत्परता का परिचय दिया है। वाराणसी निवासी श्रद्धालु माधवरायण का पर्स मंदिर परिसर में कहीं खो गया था जिसमें जरूरी दस्तावेजों के साथ नगदी भी रखी हुई थी। ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक गौरव तिवारी को पर्स मिलने पर उन्होंने उसे तत्काल कंट्रोल रूम में जमा कराया। इसके बाद एंटी थेफ्ट टीम के शीशपाल एवं हेड कांस्टेबल हिमांशु जोशी ने लगातार प्रयास करते हुए पर्स के मालिक और उनके परिजनों की तलाश की तथा सुरक्षित रूप से पर्स उन्हें सुपुर्द किया। इसी प्रकार झारखंड निवासी श्रद्धालु विमल देवी का पर्स गर्भगृह क्षेत्र में खो गया था। सूचना मिलने पर एंटी थेफ्ट टीम के शीशपाल एवं होमगार्ड महेंद्र ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पर्स की तलाश शुरू की और काफी प्रयासों के बाद उसे खोजकर सुरक्षित रूप से श्रद्धालु को वापस सौंप दिया। वहीं पटियाला निवासी दीपक कुमार का बैग भी यात्रा के दौरान कहीं गुम हो गया था। बैग में नगद धनराशि के साथ महत्वपूर्ण पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे। कंट्रोल रूम टीम ने सतर्कता और सक्रियता दिखाते हुए बैग की खोजबीन की और उसे सुरक्षित रूप से दीपक कुमार को वापस कर दिया। अपना खोया सामान वापस मिलने पर सभी श्रद्धालुओं ने उत्तराखण्ड पुलिस की ईमानदारी तत्परता और सहयोगपूर्ण कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। चारधाम यात्रा के दौरान पुलिस लगातार श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रही है जिससे यात्रियों में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत हो रही है।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए उत्तराखण्ड पुलिस लगातार संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही है। यात्रा के दौरान खोए हुए सामान को सुरक्षित वापस लौटाकर पुलिस कर्मियों ने एक बार फिर अपनी ईमानदारी और तत्परता का परिचय दिया है। वाराणसी निवासी श्रद्धालु माधवरायण का पर्स मंदिर परिसर में कहीं खो गया था जिसमें जरूरी दस्तावेजों के साथ नगदी भी रखी हुई थी। ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक गौरव तिवारी को पर्स मिलने पर उन्होंने उसे तत्काल कंट्रोल रूम में जमा कराया। इसके बाद एंटी थेफ्ट टीम के शीशपाल एवं हेड कांस्टेबल हिमांशु जोशी ने लगातार प्रयास करते हुए पर्स के मालिक और उनके परिजनों की तलाश की तथा सुरक्षित रूप से पर्स उन्हें सुपुर्द किया। इसी प्रकार झारखंड निवासी श्रद्धालु विमल देवी का पर्स गर्भगृह क्षेत्र में खो गया था। सूचना मिलने पर एंटी थेफ्ट टीम के शीशपाल एवं होमगार्ड महेंद्र ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पर्स की तलाश शुरू की और काफी प्रयासों के बाद उसे खोजकर सुरक्षित रूप से श्रद्धालु को वापस सौंप दिया। वहीं पटियाला निवासी दीपक कुमार का बैग भी यात्रा के दौरान कहीं गुम हो गया था। बैग में नगद धनराशि के साथ महत्वपूर्ण पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे। कंट्रोल रूम टीम ने सतर्कता और सक्रियता दिखाते हुए बैग की खोजबीन की और उसे सुरक्षित रूप से दीपक कुमार को वापस कर दिया। अपना खोया सामान वापस मिलने पर सभी श्रद्धालुओं ने उत्तराखण्ड पुलिस की ईमानदारी तत्परता और सहयोगपूर्ण कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। चारधाम यात्रा के दौरान पुलिस लगातार श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रही है जिससे यात्रियों में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत हो रही है।