प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के नाम पर एक निजी फर्म द्वारा बिना सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति तथा जिला प्रशासन और श्रम विभाग की अनुमति के श्रमिक कल्याण शिविर आयोजित किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की है। इस संबंध में श्रम विभाग के सचिव को विस्तृत पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित निजी फर्म द्वारा 2 अगस्त 2026 को श्रमिक कल्याण शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में श्रमिकों को वितरित की जाने वाली किटों की व्यवस्था भी सुव्यवस्थित नहीं थी। भ्रामक सूचनाओं के चलते बड़ी संख्या में श्रमिक बौराड़ी स्टेडियम पहुंच गए जिससे श्रमिकों और आमजन में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान लोगों द्वारा रोष व्यक्त किए जाने के कारण क्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति भी बनी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने इसकी जांच उपजिलाधिकारी टिहरी कमलेश मेहता से कराई। जांच में संबंधित निजी फर्म के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने तथा उसे ब्लैकलिस्ट किए जाने की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी ने श्रम विभाग के सचिव को भेजे गए पत्र में सुझाव दिया है कि भविष्य में श्रमिक कल्याण शिविर न्याय पंचायत स्तर पर जिला प्रशासन के समन्वय से आयोजित किए जाएं। शिविरों की पूर्व सूचना ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों को दी जाए ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से पहुंचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में श्रम विभाग के कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा भी अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण उनका वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में श्रमिक कल्याण से संबंधित किसी भी शिविर का आयोजन केवल सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति और जिला प्रशासन के समन्वय से ही किया जाएगा। इससे योजनाओं का लाभ पात्र श्रमिकों तक पारदर्शी व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के नाम पर एक निजी फर्म द्वारा बिना सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति तथा जिला प्रशासन और श्रम विभाग की अनुमति के श्रमिक कल्याण शिविर आयोजित किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की है। इस संबंध में श्रम विभाग के सचिव को विस्तृत पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित निजी फर्म द्वारा 2 अगस्त 2026 को श्रमिक कल्याण शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में श्रमिकों को वितरित की जाने वाली किटों की व्यवस्था भी सुव्यवस्थित नहीं थी। भ्रामक सूचनाओं के चलते बड़ी संख्या में श्रमिक बौराड़ी स्टेडियम पहुंच गए जिससे श्रमिकों और आमजन में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान लोगों द्वारा रोष व्यक्त किए जाने के कारण क्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति भी बनी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने इसकी जांच उपजिलाधिकारी टिहरी कमलेश मेहता से कराई। जांच में संबंधित निजी फर्म के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने तथा उसे ब्लैकलिस्ट किए जाने की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी ने श्रम विभाग के सचिव को भेजे गए पत्र में सुझाव दिया है कि भविष्य में श्रमिक कल्याण शिविर न्याय पंचायत स्तर पर जिला प्रशासन के समन्वय से आयोजित किए जाएं। शिविरों की पूर्व सूचना ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों को दी जाए ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से पहुंचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में श्रम विभाग के कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा भी अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण उनका वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में श्रमिक कल्याण से संबंधित किसी भी शिविर का आयोजन केवल सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति और जिला प्रशासन के समन्वय से ही किया जाएगा। इससे योजनाओं का लाभ पात्र श्रमिकों तक पारदर्शी व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।