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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा के दौरान श्रीनगर शहर को फिर से सुरक्षित और व्यवस्थित पड़ाव बनाने की दिशा में मेयर आरती भंडारी की पहल का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। मेयर द्वारा उपजिलाधिकारी नुपुर वर्मा को दिए गए सुझाव के बाद प्रशासन और पुलिस ने मंगलवार देर रात से श्रीनगर बाजार चौकी और पौड़ी चुंगी के पास बैरियर लगाकर रात में यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य धामों पर बढ़ते दबाव को कम करना यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्थानीय व्यापार को राहत देना है। चारधाम यात्रा इस समय अपने चरम पर है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ व केदारनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं। लगातार बढ़ रही भीड़ के कारण बदरीनाथ केदारनाथ सोनप्रयाग और गौरीकुंड जैसे पड़ावों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। वहीं श्रीनगर से प्रतिदिन हजारों यात्री गुजरने के बावजूद शहर में यात्रियों का ठहराव कम होने से स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहा था। इस समस्या को लेकर श्रीनगर व्यापार सभा अध्यक्ष दिनेश असवाल ने मेयर आरती भंडारी को व्यापारियों की परेशानियों से अवगत कराया था। व्यापारियों का कहना था कि लगातार ट्रैफिक जाम और वाहनों को अधिक देर तक नहीं रुकने देने की व्यवस्था के कारण यात्री श्रीनगर में ठहर नहीं पा रहे हैं जिससे होटल रेस्टोरेंट दुकानों और स्थानीय कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। व्यापारियों की मांग और यात्रा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मेयर आरती भंडारी ने उपजिलाधिकारी श्रीनगर को पत्र सौंपकर सुझाव दिया था कि श्रीनगर को चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव के रूप में फिर से विकसित किया जाए। उन्होंने कहा था कि श्रीनगर में होटल पार्किंग और यात्रियों के ठहरने की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि यात्रियों को यहां रोका जाए तो धामों और संवेदनशील पड़ावों पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सकता है और यात्रा अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाई जा सकती है। मेयर ने यह भी कहा था कि श्रीनगर केवल यात्रा मार्ग का शहर नहीं बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केंद्र भी है। यहां स्थित मां धारी देवी मंदिर कमलेश्वर मंदिर और नागेश्वर मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर भी यात्रियों को मिल सकेगा। इससे स्थानीय पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। मेयर की पहल के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए श्रीनगर बाजार चौकी और पौड़ी चुंगी के पास बैरियर लगाकर रात में यात्रा नियंत्रित करनी शुरू कर दी है। श्रीनगर तहसीलदार दीपक भंडारी ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और स्थानीय व्यापारियों की मांग को देखते हुए अब प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा रोकी जाएगी। इस दौरान केवल मालवाहक वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति रहेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि रात के समय पहाड़ी मार्गों पर होने वाले जोखिम को कम किया जा सके। वहीं श्रीनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि रात में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करना जोखिम भरा रहता है इसलिए यह निर्णय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि यात्री श्रीनगर में रुकेंगे तो होटल रेस्टोरेंट दुकानों और स्थानीय पर्यटन को नई ऊर्जा मिलेगी। साथ ही श्रीनगर को चारधाम यात्रा के एक सुरक्षित और व्यवस्थित पड़ाव के रूप में नई पहचान भी मिलेगी। मेयर आरती भंडारी की इस पहल को शहर के लिए दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। इससे चारधाम यात्रा प्रबंधन को मजबूती मिलने के साथ-साथ श्रीनगर की आर्थिकी और पर्यटन को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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