प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला के अष्टम दिवस की लीला का मंचन हनुमान जी द्वारा समुद्र पार कर लंका पहुंचने से प्रारंभ हुआ। इसके बाद माता सीता से भेंट कर भगवान श्रीराम की निशानी स्वरूप अंगूठी देने अशोक वाटिका विध्वंस मेघनाद-हनुमान युद्ध और लंका दहन जैसे रोमांचकारी प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय और भव्य प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। विशेष रूप से राम लक्ष्मण माता सीता मेघनाद हनुमान और रावण के पात्रों का दमदार अभिनय आकर्षण का केंद्र बना रहा जिसकी उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की। अष्टम दिवस की लीला का मंचन अंगद-रावण संवाद तक प्रस्तावित था लेकिन देर रात हुई भारी वर्षा के कारण कार्यक्रम को निर्धारित समय से पहले रोकना पड़ा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक घनसाली विधानसभा भीम लाल आर्य मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में आनंद सिंह रावत लक्ष्मी प्रसाद बडोनी विजय कठैत शैलेश उनियाल खुशी लाल देवेंद्र दुमोगा ज्योति डोभाल अशोक कुमार राठौड़ और दर्शन लाल उनियाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने कहा कि आज देश में पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है जबकि हमारी सनातन संस्कृति धीरे-धीरे विलुप्त होती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने रामलीला जैसे आयोजनों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य आनंद सिंह रावत ने रामलीला के शानदार मंचन के लिए समिति की सराहना की। रामलीला समिति के अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल ने भारी वर्षा के कारण उत्पन्न अव्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि बौराड़ी स्टेडियम में जलभराव की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर वर्ष केवल आश्वासन देता है जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि दर्शकों को बारिश के दौरान असुविधा न हो इसके लिए समिति द्वारा विशेष रूप से वाटरप्रूफ हैंगर टेंट की व्यवस्था की गई थी लेकिन स्टेडियम में भरे पानी के टेंट के अंदर पहुंच जाने से दर्शकों और कलाकारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी कारण रामलीला का मंचन समय से पहले समाप्त करना पड़ा। समिति अध्यक्ष ने प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। समिति के अध्यक्ष और सदस्यों द्वारा सभी अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन समिति के संरक्षक सतीश थपलियाल ने किया। इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ.राकेश भूषण गोदियाल संरक्षक मोहन सिंह रावत कमल सिंह महर महावीर उनियाल देशभूषण जोशी अमित पंत मनोज शाह त्रिलोक चंद्र रमोला राजेंद्र असवाल राकेश मोहन भट्ट राकेश लांबा भगवान चंद रमोला मनोज राय सुषमा उनियाल रचना उनियाल जशोदा नेगी उर्मिला राणा अनुराग पंत गंगा भगत नेगी सहित समिति के कई सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु भी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला के अष्टम दिवस की लीला का मंचन हनुमान जी द्वारा समुद्र पार कर लंका पहुंचने से प्रारंभ हुआ। इसके बाद माता सीता से भेंट कर भगवान श्रीराम की निशानी स्वरूप अंगूठी देने अशोक वाटिका विध्वंस मेघनाद-हनुमान युद्ध और लंका दहन जैसे रोमांचकारी प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय और भव्य प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। विशेष रूप से राम लक्ष्मण माता सीता मेघनाद हनुमान और रावण के पात्रों का दमदार अभिनय आकर्षण का केंद्र बना रहा जिसकी उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की। अष्टम दिवस की लीला का मंचन अंगद-रावण संवाद तक प्रस्तावित था लेकिन देर रात हुई भारी वर्षा के कारण कार्यक्रम को निर्धारित समय से पहले रोकना पड़ा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक घनसाली विधानसभा भीम लाल आर्य मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में आनंद सिंह रावत लक्ष्मी प्रसाद बडोनी विजय कठैत शैलेश उनियाल खुशी लाल देवेंद्र दुमोगा ज्योति डोभाल अशोक कुमार राठौड़ और दर्शन लाल उनियाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने कहा कि आज देश में पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है जबकि हमारी सनातन संस्कृति धीरे-धीरे विलुप्त होती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने रामलीला जैसे आयोजनों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य आनंद सिंह रावत ने रामलीला के शानदार मंचन के लिए समिति की सराहना की। रामलीला समिति के अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल ने भारी वर्षा के कारण उत्पन्न अव्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि बौराड़ी स्टेडियम में जलभराव की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर वर्ष केवल आश्वासन देता है जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि दर्शकों को बारिश के दौरान असुविधा न हो इसके लिए समिति द्वारा विशेष रूप से वाटरप्रूफ हैंगर टेंट की व्यवस्था की गई थी लेकिन स्टेडियम में भरे पानी के टेंट के अंदर पहुंच जाने से दर्शकों और कलाकारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी कारण रामलीला का मंचन समय से पहले समाप्त करना पड़ा। समिति अध्यक्ष ने प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। समिति के अध्यक्ष और सदस्यों द्वारा सभी अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन समिति के संरक्षक सतीश थपलियाल ने किया। इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ.राकेश भूषण गोदियाल संरक्षक मोहन सिंह रावत कमल सिंह महर महावीर उनियाल देशभूषण जोशी अमित पंत मनोज शाह त्रिलोक चंद्र रमोला राजेंद्र असवाल राकेश मोहन भट्ट राकेश लांबा भगवान चंद रमोला मनोज राय सुषमा उनियाल रचना उनियाल जशोदा नेगी उर्मिला राणा अनुराग पंत गंगा भगत नेगी सहित समिति के कई सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु भी उपस्थित रहे।