प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा खाद्य सामग्री में किसी भी प्रकार की मिलावट और ओवररेटिंग रोकने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को जनपदभर में होटल ढाबों दुकानों और रेस्टोरेंटों में लगातार निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सहायक आयुक्त एवं जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में चारधाम यात्रा और गर्मी के मौसम को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा की संयुक्त टीम तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में बस अड्डा और रेलवे स्टेशन हरिद्वार क्षेत्र स्थित आठ अस्थायी एवं स्थायी खाद्य प्रतिष्ठानों रेस्टोरेंटों और ढाबों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान तीन खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप साफ-सफाई बनाए रखने ढक्कनयुक्त कूड़ेदान रखने तथा चारधाम यात्रा और मेलों में आने वाले श्रद्धालुओं को ताजा भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान दो खाद्य कारोबारियों के पास एफएसएसएआई लाइसेंस न पाए जाने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही आमजन से प्राप्त शिकायतों का भी मौके पर निस्तारण किया गया। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि चारधाम यात्रा 2026 के दौरान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई पूरे जनपद में लगातार जारी रहेगी ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गत वर्ष कांवड़ मेले के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा द्वारा रामनगर ज्वालापुर स्थित आनन्दा डेयरी का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालक द्वारा लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया था तथा प्रतिष्ठान में अवधि समाप्त हो चुकी खाद्य सामग्री भी पाई गई थी। इस मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार की अदालत में वाद दायर किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आनन्दा डेयरी रामनगर ज्वालापुर पर 3 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में खाद्य पदार्थों में मिलावट मानकों की अनदेखी और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा खाद्य सामग्री में किसी भी प्रकार की मिलावट और ओवररेटिंग रोकने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को जनपदभर में होटल ढाबों दुकानों और रेस्टोरेंटों में लगातार निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सहायक आयुक्त एवं जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में चारधाम यात्रा और गर्मी के मौसम को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा की संयुक्त टीम तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में बस अड्डा और रेलवे स्टेशन हरिद्वार क्षेत्र स्थित आठ अस्थायी एवं स्थायी खाद्य प्रतिष्ठानों रेस्टोरेंटों और ढाबों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान तीन खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप साफ-सफाई बनाए रखने ढक्कनयुक्त कूड़ेदान रखने तथा चारधाम यात्रा और मेलों में आने वाले श्रद्धालुओं को ताजा भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान दो खाद्य कारोबारियों के पास एफएसएसएआई लाइसेंस न पाए जाने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही आमजन से प्राप्त शिकायतों का भी मौके पर निस्तारण किया गया। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि चारधाम यात्रा 2026 के दौरान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई पूरे जनपद में लगातार जारी रहेगी ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गत वर्ष कांवड़ मेले के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा द्वारा रामनगर ज्वालापुर स्थित आनन्दा डेयरी का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालक द्वारा लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया था तथा प्रतिष्ठान में अवधि समाप्त हो चुकी खाद्य सामग्री भी पाई गई थी। इस मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार की अदालत में वाद दायर किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आनन्दा डेयरी रामनगर ज्वालापुर पर 3 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में खाद्य पदार्थों में मिलावट मानकों की अनदेखी और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।