प्रदीप कुमार
बद्रीनाथ-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। श्री बद्रीनाथ धाम में दर्शन के लिए गुजरात से आई महिला श्रद्धालु शांति बेन का पर्स मंदिर परिसर में कहीं गिर गया। पर्स में मोबाइल फोन आभूषण और नगदी सहित अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था। पर्स गुम होने का पता चलते ही महिला श्रद्धालु काफी परेशान हो गईं और भावुक होकर रोने लगीं। घटना की जानकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों तथा स्थानीय पुरोहित गौरव पंचभैया को मिली। इसके बाद पुलिस और स्थानीय पुरोहित ने सेवा भाव और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए तत्काल पर्स की तलाश शुरू की। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में काफी देर तक खोजबीन की गई। संयुक्त प्रयासों के बाद खोया हुआ पर्स सकुशल बरामद कर लिया गया। पर्स में मौजूद मोबाइल फोन आभूषण नगदी तथा अन्य सामान पूरी तरह सुरक्षित मिला। इसके बाद पर्स को उसके वास्तविक स्वामी शांति बेन को सौंप दिया गया। अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस पाकर महिला श्रद्धालु और उनके परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने पुलिस और स्थानीय पुरोहित गौरव पंचभैया का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनकी तत्परता ईमानदारी और सहयोग की सराहना की। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा के लिए पुलिस तथा स्थानीय लोग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं जिससे यात्रियों का विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है।
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प्रदीप कुमार
बद्रीनाथ-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। श्री बद्रीनाथ धाम में दर्शन के लिए गुजरात से आई महिला श्रद्धालु शांति बेन का पर्स मंदिर परिसर में कहीं गिर गया। पर्स में मोबाइल फोन आभूषण और नगदी सहित अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था। पर्स गुम होने का पता चलते ही महिला श्रद्धालु काफी परेशान हो गईं और भावुक होकर रोने लगीं। घटना की जानकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों तथा स्थानीय पुरोहित गौरव पंचभैया को मिली। इसके बाद पुलिस और स्थानीय पुरोहित ने सेवा भाव और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए तत्काल पर्स की तलाश शुरू की। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में काफी देर तक खोजबीन की गई। संयुक्त प्रयासों के बाद खोया हुआ पर्स सकुशल बरामद कर लिया गया। पर्स में मौजूद मोबाइल फोन आभूषण नगदी तथा अन्य सामान पूरी तरह सुरक्षित मिला। इसके बाद पर्स को उसके वास्तविक स्वामी शांति बेन को सौंप दिया गया। अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस पाकर महिला श्रद्धालु और उनके परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने पुलिस और स्थानीय पुरोहित गौरव पंचभैया का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनकी तत्परता ईमानदारी और सहयोग की सराहना की। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा के लिए पुलिस तथा स्थानीय लोग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं जिससे यात्रियों का विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है।