विधानसभा चुनाव वर्ष 2022 के दौरान मिथ्या रिपोर्ट लिखाने पर उत्तराखण्ड कान्ति दल रुद्रप्रयाग के प्रत्यार्शी को हुई सजा
प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।विधानसभा चुनाव वर्ष 2022 मे उत्तराखण्ड कान्ति दल के प्रत्यार्शी मोहित डिमरी द्वारा अपने समर्थको के साथ मिल कर मतदान से पूर्व जनता एवं वोटरो की सहानुभुति प्राप्त करने के लिए समर्थको के साथ मिल कर स्वयं पर हमला कारित कराने की झूठी कहानी रच कर थाने में तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर थाना रूद्रप्रयाग मे मुकदमा पंजीकृत किया गया एवं विवेचना की गई। दौराने विवेचना यह तथ्य प्रकाश में आया की वादी मुकदमा के साथ किसी भी प्रकार की कोई घटना नही हुई तथा वादी द्वारा अपने साथियो / समर्थको के साथ मिल कर स्वयं पर हमला कारित करवाने की झूठी कहानी रची गयी तथा घटना कारित किये जाने के सम्बन्ध मे कोई साक्ष्य नही पाया गया जिस कारण पुलिस ने मामले मे अन्तिम रिपोर्ट,जर्म खारिजा रिपोर्ट के साथ ही झूठी रिपोर्ट लिखाने के सम्बन्ध मे अन्तर्गत धारा 182 भारतीय दण्ड संहिता 1860 मे चालानी रिपोर्ट न्यायालय मे प्रेषित की।उक्त मामले मे मोहित डिमरी द्वारा स्वयं पर हमला कारित किये जाने की झूठी रिपोर्ट लिखाने पर उसके विरूद्ध अन्तर्गत धारा 182 भारतीय दण्ड संहिता के तहत न्यायालय रूद्रप्रयाग मे अभियोग चलाया गया तथा विचारण हुआ।विचारण के उपरान्त आज दिनांक 30 मई 2025 को विद्वान न्यायाधीश अशोक कुमार सैनी,मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,रूद्रप्रयाग के न्यायालय द्वारा निर्णय दिया गया जिसमे अभियुक्त मोहित डिमरी को धारा 182 भारतीय दण्ड संहिता 1860 के अन्तर्गत दोषसिद्ध किया गया एवं अभियुक्त मोहित डिमरी को अपराधी परिवीक्षा अधिनियम 1958 की धारा 4 के अन्तर्गत एक वर्ष की अवधि के लिये सदाचरण पर रहने हेतु आदेशित किया गया।
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विधानसभा चुनाव वर्ष 2022 के दौरान मिथ्या रिपोर्ट लिखाने पर उत्तराखण्ड कान्ति दल रुद्रप्रयाग के प्रत्यार्शी को हुई सजा
प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।विधानसभा चुनाव वर्ष 2022 मे उत्तराखण्ड कान्ति दल के प्रत्यार्शी मोहित डिमरी द्वारा अपने समर्थको के साथ मिल कर मतदान से पूर्व जनता एवं वोटरो की सहानुभुति प्राप्त करने के लिए समर्थको के साथ मिल कर स्वयं पर हमला कारित कराने की झूठी कहानी रच कर थाने में तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर थाना रूद्रप्रयाग मे मुकदमा पंजीकृत किया गया एवं विवेचना की गई। दौराने विवेचना यह तथ्य प्रकाश में आया की वादी मुकदमा के साथ किसी भी प्रकार की कोई घटना नही हुई तथा वादी द्वारा अपने साथियो / समर्थको के साथ मिल कर स्वयं पर हमला कारित करवाने की झूठी कहानी रची गयी तथा घटना कारित किये जाने के सम्बन्ध मे कोई साक्ष्य नही पाया गया जिस कारण पुलिस ने मामले मे अन्तिम रिपोर्ट,जर्म खारिजा रिपोर्ट के साथ ही झूठी रिपोर्ट लिखाने के सम्बन्ध मे अन्तर्गत धारा 182 भारतीय दण्ड संहिता 1860 मे चालानी रिपोर्ट न्यायालय मे प्रेषित की।उक्त मामले मे मोहित डिमरी द्वारा स्वयं पर हमला कारित किये जाने की झूठी रिपोर्ट लिखाने पर उसके विरूद्ध अन्तर्गत धारा 182 भारतीय दण्ड संहिता के तहत न्यायालय रूद्रप्रयाग मे अभियोग चलाया गया तथा विचारण हुआ।विचारण के उपरान्त आज दिनांक 30 मई 2025 को विद्वान न्यायाधीश अशोक कुमार सैनी,मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,रूद्रप्रयाग के न्यायालय द्वारा निर्णय दिया गया जिसमे अभियुक्त मोहित डिमरी को धारा 182 भारतीय दण्ड संहिता 1860 के अन्तर्गत दोषसिद्ध किया गया एवं अभियुक्त मोहित डिमरी को अपराधी परिवीक्षा अधिनियम 1958 की धारा 4 के अन्तर्गत एक वर्ष की अवधि के लिये सदाचरण पर रहने हेतु आदेशित किया गया।