प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सहायता और सुविधा के लिए चमोली पुलिस लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। यात्रा मार्गों पर पुलिसकर्मी न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने का कार्य कर रहे हैं बल्कि जरूरतमंद यात्रियों की मदद कर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं। हाल ही में अलग-अलग घटनाओं में चमोली पुलिस ने बीमार और घायल यात्रियों की सहायता करने बिछड़े परिजनों को मिलाने तथा लाखों रुपये मूल्य की खोई हुई ज्वैलरी और सामान लौटाकर सराहनीय कार्य किया। हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान राजस्थान के अलवर से आए छह यात्रियों के दल में शामिल 35 वर्षीय गगनदीप की काजला हेलीपैड के समीप अचानक तबीयत बिगड़ गई। ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी स्थिति गंभीर होने लगी। सूचना मिलते ही घांघरिया पुलिस चौकी से कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह नेगी कांस्टेबल राहुल और कांस्टेबल प्रदीप मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने तत्काल पालकी की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घांघरिया पहुंचाया। उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ। इसके बाद आगे की यात्रा के लिए घोड़े की व्यवस्था भी कराई गई। यात्री और उनके साथियों ने पुलिस की त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। एक अन्य घटना में पंजाब के अमृतसर से आए 15 श्रद्धालुओं के दल में शामिल कमलजीत कौर हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान रामढ़ुंगी के पास अचानक गिरकर घायल हो गईं। रात के समय सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी घांघरिया उपनिरीक्षक अमनदीप सिंह हेड कांस्टेबल देवप्रकाश कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह नेगी और एटीएस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पालकी की व्यवस्था कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घांघरिया पहुंचाया जहां उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य हो गई। श्रद्धालुओं ने पुलिस की तत्परता और मानवीय व्यवहार की सराहना की। बद्रीनाथ धाम यात्रा के दौरान चमोली पुलिस और मंदिर समिति के कर्मचारियों ने ईमानदारी की भी मिसाल पेश की। मंदिर समिति कर्मचारी राकेश ने कर्नाटक निवासी लक्ष्मी बाई नारायण राव का खोया हुआ पर्स नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित लौटाए। वहीं कर्मचारी राजदीप सनवाल ने पुलिस के सहयोग से लगभग पांच लाख रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषण उनके वास्तविक स्वामी तक पहुंचाए। इस सराहनीय कार्य की यात्रियों और स्थानीय लोगों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। इसके अलावा गुजरात निवासी वृद्ध महिला हीराबेन अपने परिजनों के साथ बद्रीनाथ धाम दर्शन के लिए आई थीं। मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ के दौरान वह अपने परिजनों से बिछड़ गईं और लॉर्ड्स तिराहा क्षेत्र में अकेली मिलीं। सूचना मिलते ही पुलिस ने कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट कराया। यातायात पुलिस के अपर उपनिरीक्षक मुकेश कुमार और कांस्टेबल कैलाश रावत ने लगातार खोजबीन कर वृद्ध महिला के परिजनों का पता लगाया और उन्हें सकुशल मिलाया। अपने परिवार से मिलने के बाद भावुक महिला और उनके परिजनों ने चमोली पुलिस का हृदय से धन्यवाद किया। चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान चमोली पुलिस द्वारा किए जा रहे ऐसे मानवीय और सराहनीय कार्य श्रद्धालुओं में सुरक्षा और विश्वास का भाव मजबूत कर रहे हैं तथा पुलिस की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित कर रहे हैं।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सहायता और सुविधा के लिए चमोली पुलिस लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। यात्रा मार्गों पर पुलिसकर्मी न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने का कार्य कर रहे हैं बल्कि जरूरतमंद यात्रियों की मदद कर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं। हाल ही में अलग-अलग घटनाओं में चमोली पुलिस ने बीमार और घायल यात्रियों की सहायता करने बिछड़े परिजनों को मिलाने तथा लाखों रुपये मूल्य की खोई हुई ज्वैलरी और सामान लौटाकर सराहनीय कार्य किया। हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान राजस्थान के अलवर से आए छह यात्रियों के दल में शामिल 35 वर्षीय गगनदीप की काजला हेलीपैड के समीप अचानक तबीयत बिगड़ गई। ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी स्थिति गंभीर होने लगी। सूचना मिलते ही घांघरिया पुलिस चौकी से कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह नेगी कांस्टेबल राहुल और कांस्टेबल प्रदीप मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने तत्काल पालकी की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घांघरिया पहुंचाया। उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ। इसके बाद आगे की यात्रा के लिए घोड़े की व्यवस्था भी कराई गई। यात्री और उनके साथियों ने पुलिस की त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। एक अन्य घटना में पंजाब के अमृतसर से आए 15 श्रद्धालुओं के दल में शामिल कमलजीत कौर हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान रामढ़ुंगी के पास अचानक गिरकर घायल हो गईं। रात के समय सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी घांघरिया उपनिरीक्षक अमनदीप सिंह हेड कांस्टेबल देवप्रकाश कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह नेगी और एटीएस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पालकी की व्यवस्था कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घांघरिया पहुंचाया जहां उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य हो गई। श्रद्धालुओं ने पुलिस की तत्परता और मानवीय व्यवहार की सराहना की। बद्रीनाथ धाम यात्रा के दौरान चमोली पुलिस और मंदिर समिति के कर्मचारियों ने ईमानदारी की भी मिसाल पेश की। मंदिर समिति कर्मचारी राकेश ने कर्नाटक निवासी लक्ष्मी बाई नारायण राव का खोया हुआ पर्स नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित लौटाए। वहीं कर्मचारी राजदीप सनवाल ने पुलिस के सहयोग से लगभग पांच लाख रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषण उनके वास्तविक स्वामी तक पहुंचाए। इस सराहनीय कार्य की यात्रियों और स्थानीय लोगों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। इसके अलावा गुजरात निवासी वृद्ध महिला हीराबेन अपने परिजनों के साथ बद्रीनाथ धाम दर्शन के लिए आई थीं। मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ के दौरान वह अपने परिजनों से बिछड़ गईं और लॉर्ड्स तिराहा क्षेत्र में अकेली मिलीं। सूचना मिलते ही पुलिस ने कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट कराया। यातायात पुलिस के अपर उपनिरीक्षक मुकेश कुमार और कांस्टेबल कैलाश रावत ने लगातार खोजबीन कर वृद्ध महिला के परिजनों का पता लगाया और उन्हें सकुशल मिलाया। अपने परिवार से मिलने के बाद भावुक महिला और उनके परिजनों ने चमोली पुलिस का हृदय से धन्यवाद किया। चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान चमोली पुलिस द्वारा किए जा रहे ऐसे मानवीय और सराहनीय कार्य श्रद्धालुओं में सुरक्षा और विश्वास का भाव मजबूत कर रहे हैं तथा पुलिस की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित कर रहे हैं।