प्रदीप कुमार
पोखरी-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। विकासखंड पोखरी के गंगनाली आजीविका सीएलएफ के अंतर्गत गठित मां अनुसूया स्वयं सहायता समूह द्वारा स्थापित सामुदायिक उद्यम हिलांस रेस्टोरेंट का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण स्थानीय उत्पादों के विपणन और ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने रेस्टोरेंट का संचालन कर रही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्थानीय पहाड़ी उत्पादों पारंपरिक व्यंजनों तथा स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन को तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों तक पहुंचाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय में भी वृद्धि होगी और क्षेत्र की सांस्कृतिक तथा खाद्य विरासत को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट के सफल संचालन के लिए भोजन की गुणवत्ता स्वच्छता ग्राहकों के प्रति व्यवहार और सेवा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। यदि इन सभी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य किया जाए तो अधिक से अधिक लोग स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों की ओर आकर्षित होंगे तथा यह सामुदायिक उद्यम सफलता का आदर्श उदाहरण बन सकता है। भरत सिंह चौधरी ने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद चमोली के प्रमुख यात्रा मार्गों पर भी इसी प्रकार के सामुदायिक रेस्टोरेंट स्थापित करने के प्रयास किए जाएं ताकि स्थानीय महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें तथा स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के तहत स्थापित यह उद्यम ग्रामीण महिलाओं की आजीविका संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी सहायक सिद्ध होगा। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामोत्थान परियोजना के उद्देश्यों स्वरोजगार तथा आजीविका संवर्धन गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित सामुदायिक उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी जिला विकास अधिकारी के.के.पंत खंड विकास अधिकारी पोखरी जिला परियोजना प्रबंधक रीप सभी सहायक प्रबंधक रीप ब्लॉक मिशन प्रबंधक पोखरी विकासखंड स्तरीय रीप स्टाफ गंगनाली आजीविका सीएलएफ के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने प्रतिभाग किया।
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प्रदीप कुमार
पोखरी-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। विकासखंड पोखरी के गंगनाली आजीविका सीएलएफ के अंतर्गत गठित मां अनुसूया स्वयं सहायता समूह द्वारा स्थापित सामुदायिक उद्यम हिलांस रेस्टोरेंट का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण स्थानीय उत्पादों के विपणन और ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने रेस्टोरेंट का संचालन कर रही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्थानीय पहाड़ी उत्पादों पारंपरिक व्यंजनों तथा स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन को तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों तक पहुंचाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय में भी वृद्धि होगी और क्षेत्र की सांस्कृतिक तथा खाद्य विरासत को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट के सफल संचालन के लिए भोजन की गुणवत्ता स्वच्छता ग्राहकों के प्रति व्यवहार और सेवा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। यदि इन सभी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य किया जाए तो अधिक से अधिक लोग स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों की ओर आकर्षित होंगे तथा यह सामुदायिक उद्यम सफलता का आदर्श उदाहरण बन सकता है। भरत सिंह चौधरी ने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद चमोली के प्रमुख यात्रा मार्गों पर भी इसी प्रकार के सामुदायिक रेस्टोरेंट स्थापित करने के प्रयास किए जाएं ताकि स्थानीय महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें तथा स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के तहत स्थापित यह उद्यम ग्रामीण महिलाओं की आजीविका संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी सहायक सिद्ध होगा। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामोत्थान परियोजना के उद्देश्यों स्वरोजगार तथा आजीविका संवर्धन गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित सामुदायिक उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी जिला विकास अधिकारी के.के.पंत खंड विकास अधिकारी पोखरी जिला परियोजना प्रबंधक रीप सभी सहायक प्रबंधक रीप ब्लॉक मिशन प्रबंधक पोखरी विकासखंड स्तरीय रीप स्टाफ गंगनाली आजीविका सीएलएफ के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने प्रतिभाग किया।