प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड मालवीय घाट सुभाष घाट और कुशा घाट समेत सभी प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे शहर में भक्ति श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा। मेले के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं विभिन्न घाटों एवं संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए भीड़ प्रबंधन यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा मेले को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर में नोडल अधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित न होने पाए और श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारु रूप से चलता रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मेले क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों ड्रोन और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी की गई। आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ एसडीआरएफ फायर ब्रिगेड मेडिकल टीम और एम्बुलेंस सेवाएं अलर्ट मोड पर रहीं। घाटों पर बैरिकेडिंग अनाउंसमेंट सिस्टम और दिशा-निर्देशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार मार्गदर्शन दिया जाता रहा। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया जिसके तहत विभिन्न मार्गों पर डायवर्जन और पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई। बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल बनाए गए जहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा के माध्यम से घाटों तक पहुंचाया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्नान पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी अधिकारी पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। प्रशासन और पुलिस की सक्रिय निगरानी तथा व्यापक व्यवस्थाओं के बीच सोमवती अमावस्या स्नान पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड मालवीय घाट सुभाष घाट और कुशा घाट समेत सभी प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे शहर में भक्ति श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा। मेले के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं विभिन्न घाटों एवं संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए भीड़ प्रबंधन यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा मेले को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर में नोडल अधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित न होने पाए और श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारु रूप से चलता रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मेले क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों ड्रोन और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी की गई। आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ एसडीआरएफ फायर ब्रिगेड मेडिकल टीम और एम्बुलेंस सेवाएं अलर्ट मोड पर रहीं। घाटों पर बैरिकेडिंग अनाउंसमेंट सिस्टम और दिशा-निर्देशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार मार्गदर्शन दिया जाता रहा। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया जिसके तहत विभिन्न मार्गों पर डायवर्जन और पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई। बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल बनाए गए जहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा के माध्यम से घाटों तक पहुंचाया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्नान पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी अधिकारी पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। प्रशासन और पुलिस की सक्रिय निगरानी तथा व्यापक व्यवस्थाओं के बीच सोमवती अमावस्या स्नान पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।