प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत प्रस्तावित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की स्थापना के लिए जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने टिहरी के नकोट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फैगुल में प्रस्तावित भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने भूमि की उपलब्धता एवं संस्थान स्थापना के लिए उसकी उपयुक्तता का परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी की प्रधानाचार्य पल्लवी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित आईटीआई की स्थापना के लिए लगभग 11 नाली भूमि की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि संस्थान में प्रारंभिक चरण में इलेक्ट्रिशियन वेल्डर और फिटर ट्रेड संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। इन ट्रेडों में इंटरमीडिएट के बाद एक वर्षीय एवं दो वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे जिससे क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि वर्तमान में नकोट आईटीआई में 9 तथा चाका आईटीआई में 15 छात्र नामांकित हैं जहां फिटर ट्रेड का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए संस्थान की स्थापना से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि प्रस्तावित आईटीआई के आसपास स्थित गांवों में हाईस्कूल स्तर के विद्यार्थियों का सर्वेक्षण कराया जाए, ताकि यह आकलन किया जा सके कि संस्थान की स्थापना से कितने विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के आधार पर संस्थान की उपयोगिता एवं भविष्य की आवश्यकताओं का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था एनपीसीसी के प्रतिनिधियों को भी निर्देशित किया कि वे अगली बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें तथा परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि संस्थान स्थापना की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी टिहरी कमलेश भू-वैज्ञानिक रवि सहित ग्राम फैगुल के ग्रामीण एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत प्रस्तावित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की स्थापना के लिए जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने टिहरी के नकोट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फैगुल में प्रस्तावित भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने भूमि की उपलब्धता एवं संस्थान स्थापना के लिए उसकी उपयुक्तता का परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी की प्रधानाचार्य पल्लवी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित आईटीआई की स्थापना के लिए लगभग 11 नाली भूमि की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि संस्थान में प्रारंभिक चरण में इलेक्ट्रिशियन वेल्डर और फिटर ट्रेड संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। इन ट्रेडों में इंटरमीडिएट के बाद एक वर्षीय एवं दो वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे जिससे क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि वर्तमान में नकोट आईटीआई में 9 तथा चाका आईटीआई में 15 छात्र नामांकित हैं जहां फिटर ट्रेड का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए संस्थान की स्थापना से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि प्रस्तावित आईटीआई के आसपास स्थित गांवों में हाईस्कूल स्तर के विद्यार्थियों का सर्वेक्षण कराया जाए, ताकि यह आकलन किया जा सके कि संस्थान की स्थापना से कितने विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के आधार पर संस्थान की उपयोगिता एवं भविष्य की आवश्यकताओं का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था एनपीसीसी के प्रतिनिधियों को भी निर्देशित किया कि वे अगली बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें तथा परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि संस्थान स्थापना की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी टिहरी कमलेश भू-वैज्ञानिक रवि सहित ग्राम फैगुल के ग्रामीण एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।