प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने टिहरी क्षेत्रांतर्गत ग्राम नकोट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य विभाग के टाइप-ए उपकेंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी कक्ष ड्रेसिंग रूम फार्मेसी आयुष विंग सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ.अभिषेक सैनी ने जिलाधिकारी को बताया कि उपकेंद्र में प्रतिदिन औसतन 15 से 20 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ लेने पहुंचते हैं। जिलाधिकारी ने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं दवा वितरण व्यवस्था तथा अन्य सेवाओं की जानकारी भी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने रेफरल रजिस्टर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रेफर किए गए मरीजों के फॉलोअप संबंधी विवरण नियमित रूप से दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि रेफर किए गए प्रत्येक मरीज का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाए तथा समय-समय पर मरीजों से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली जाए ताकि उपचार की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट राजेश कोठारी उपस्थित रहे। आयुष विंग में जिलाधिकारी ने डॉ.पूजा नेगी से विभागीय कार्यों एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की जो संतोषजनक पाई गई। वहीं प्रसूति कक्ष का कार्य अपूर्ण पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उपकेंद्र परिसर में लंबे समय से बिना चालक के खड़े वाहन का भी जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को वाहन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि परिसर का बेहतर उपयोग किया जा सके। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा समय-समय पर स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को मरीजों को बेहतर उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने टिहरी क्षेत्रांतर्गत ग्राम नकोट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य विभाग के टाइप-ए उपकेंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी कक्ष ड्रेसिंग रूम फार्मेसी आयुष विंग सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ.अभिषेक सैनी ने जिलाधिकारी को बताया कि उपकेंद्र में प्रतिदिन औसतन 15 से 20 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ लेने पहुंचते हैं। जिलाधिकारी ने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं दवा वितरण व्यवस्था तथा अन्य सेवाओं की जानकारी भी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने रेफरल रजिस्टर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रेफर किए गए मरीजों के फॉलोअप संबंधी विवरण नियमित रूप से दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि रेफर किए गए प्रत्येक मरीज का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाए तथा समय-समय पर मरीजों से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली जाए ताकि उपचार की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट राजेश कोठारी उपस्थित रहे। आयुष विंग में जिलाधिकारी ने डॉ.पूजा नेगी से विभागीय कार्यों एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की जो संतोषजनक पाई गई। वहीं प्रसूति कक्ष का कार्य अपूर्ण पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उपकेंद्र परिसर में लंबे समय से बिना चालक के खड़े वाहन का भी जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को वाहन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि परिसर का बेहतर उपयोग किया जा सके। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा समय-समय पर स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को मरीजों को बेहतर उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।