प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जनपद में संचालित लक्ज़री स्लीपर बसों के विरुद्ध 28 और 29 जून को विशेष सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने किया जबकि बसों का तकनीकी निरीक्षण संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन ने किया। अभियान के दौरान विभिन्न मार्गों पर संचालित लक्ज़री स्लीपर बसों के परमिट की शर्तों फिटनेस संरचनात्मक सुरक्षा तकनीकी मानकों तथा अन्य वैधानिक अभिलेखों की गहन जांच की गई। जांच में कई बसों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम एवं नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की गई। दो दिवसीय अभियान के दौरान कुल 80 चालान किए गए तथा गंभीर अनियमितताओं के कारण 12 लक्ज़री स्लीपर बसों को सीज़ किया गया। इसके अलावा 15 बसें परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाई गईं जिनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई। तकनीकी निरीक्षण में 2 बसों की स्थिति सड़क सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत खराब पाई गई जिसके चलते उनके फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त किए जाने की संस्तुति की गई। वहीं 12 बसों में स्वीकृति के विपरीत संरचनात्मक परिवर्तन पाए गए। इन सभी वाहनों का चालान करते हुए उनके फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की भी संस्तुति की गई है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित तकनीकी मानकों परमिट की शर्तों तथा मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सघन अभियान जारी रहेगा। विभाग ने वाहन स्वामियों और संचालकों से अपने वाहनों का संचालन पूरी तरह वैधानिक प्रावधानों एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप करने की अपील की है ताकि यात्रियों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जनपद में संचालित लक्ज़री स्लीपर बसों के विरुद्ध 28 और 29 जून को विशेष सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने किया जबकि बसों का तकनीकी निरीक्षण संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन ने किया। अभियान के दौरान विभिन्न मार्गों पर संचालित लक्ज़री स्लीपर बसों के परमिट की शर्तों फिटनेस संरचनात्मक सुरक्षा तकनीकी मानकों तथा अन्य वैधानिक अभिलेखों की गहन जांच की गई। जांच में कई बसों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम एवं नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की गई। दो दिवसीय अभियान के दौरान कुल 80 चालान किए गए तथा गंभीर अनियमितताओं के कारण 12 लक्ज़री स्लीपर बसों को सीज़ किया गया। इसके अलावा 15 बसें परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाई गईं जिनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई। तकनीकी निरीक्षण में 2 बसों की स्थिति सड़क सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत खराब पाई गई जिसके चलते उनके फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त किए जाने की संस्तुति की गई। वहीं 12 बसों में स्वीकृति के विपरीत संरचनात्मक परिवर्तन पाए गए। इन सभी वाहनों का चालान करते हुए उनके फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की भी संस्तुति की गई है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित तकनीकी मानकों परमिट की शर्तों तथा मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सघन अभियान जारी रहेगा। विभाग ने वाहन स्वामियों और संचालकों से अपने वाहनों का संचालन पूरी तरह वैधानिक प्रावधानों एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप करने की अपील की है ताकि यात्रियों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित की जा सके।