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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों स्वामियों एवं हॉकरों से तीर्थ यात्रियों के साथ शालीन विनम्र एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यात्रा से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपनी सेवाओं के माध्यम से केदारनाथ यात्रा की गरिमा बनाए रखे। जिलाधिकारी ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु घोड़ा-खच्चरों की सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में संचालकों और हॉकरों का व्यवहार यात्रियों के अनुभव को सीधे प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के संज्ञान में ऐसे कुछ मामले आए हैं जिनमें कुछ संचालकों अथवा उनके हॉकरों द्वारा तीर्थ यात्रियों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया। ऐसे मामलों में शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई है और भविष्य में भी इस प्रकार की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी घोड़ा-खच्चर संचालक एवं स्वामी यह सुनिश्चित करें कि वे स्वयं तथा उनके अधीन कार्यरत प्रत्येक हॉकर का जिला पंचायत रुद्रप्रयाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं। बिना पंजीकरण के किसी भी व्यक्ति को केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों का संचालन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संचालकों एवं स्वामियों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि उनके सभी हॉकरों का पंजीकरण कराया जाए तथा इसकी जानकारी जिला प्रशासन को भी उपलब्ध कराई जाए। यदि कोई घोड़ा-खच्चर संचालक अथवा हॉकर बिना पंजीकरण के संचालन करता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग आर्थिक दंड तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित संचालक एवं स्वामी स्वयं उत्तरदायी होंगे। जिलाधिकारी ने सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों स्वामियों एवं हॉकरों से प्रशासन का सहयोग करने यात्रा की गरिमा बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित सुगम और सम्मानजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की अपील की।

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