प्रदीप कुमार
गोपेश्वर-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चमोली पुलिस ने 45 दिन की गहन जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर एक जटिल एवं संवेदनशील ब्लाइंड मर्डर का सफल खुलासा करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गुमशुदगी के रूप में दर्ज इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की सटीक विवेचना के बाद आरोपी की पहचान कर उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। 18 मई 2026 को ग्राम देवपुरी (चिनीछानी) थाना गैरसैंण निवासी राजेन्द्र सिंह घर से काम के लिए निकले थे। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और उनका कोई पता नहीं चला। परिजनों की सूचना पर गैरसैंण पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर डॉग स्क्वॉड की सहायता से व्यापक स्तर पर तलाश शुरू की लेकिन शुरुआती प्रयासों में कोई सफलता नहीं मिली। 23 मई 2026 को ग्राम देवपुरी स्थित घाड़ी गधेरे में राजेन्द्र सिंह का शव मिलने की सूचना पर पुलिस फील्ड यूनिट और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर मृतक के दोनों पैर और एक हाथ रस्सी से बंधे मिले। मौके से मोबाइल फोन चप्पल पानी की बोतल सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। वैज्ञानिक जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर गुमशुदगी के मामले को हत्या में परिवर्तित कर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन तथा पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम में प्रभारी निरीक्षक कर्णप्रयाग विनोद थपलियाल उपनिरीक्षक नवनीत भंडारी एसओजी प्रभारी सतेन्द्र बुटोला थाना प्रभारी पोखरी निरीक्षक देवेन्द्र पंत सहित अन्य पुलिस अधिकारी शामिल किए गए। एसआईटी ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया तथा डॉग स्क्वॉड से प्राप्त सुरागों को आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ाया। करीब 45 दिन तक लगातार की गई जांच के बाद देवेन्द्र सिंह पुत्र बलवंत सिंह निवासी चौड़ाधार ग्राम देवपुरी की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने आरोपी को विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में विवेचक निरीक्षक मनोज सिरोला अपर उपनिरीक्षक अरुण कुमार हेड कांस्टेबल धनपाल तथा अपर उपनिरीक्षक अनिल आगरी शामिल रहे।
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प्रदीप कुमार
गोपेश्वर-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चमोली पुलिस ने 45 दिन की गहन जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर एक जटिल एवं संवेदनशील ब्लाइंड मर्डर का सफल खुलासा करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गुमशुदगी के रूप में दर्ज इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की सटीक विवेचना के बाद आरोपी की पहचान कर उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। 18 मई 2026 को ग्राम देवपुरी (चिनीछानी) थाना गैरसैंण निवासी राजेन्द्र सिंह घर से काम के लिए निकले थे। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और उनका कोई पता नहीं चला। परिजनों की सूचना पर गैरसैंण पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर डॉग स्क्वॉड की सहायता से व्यापक स्तर पर तलाश शुरू की लेकिन शुरुआती प्रयासों में कोई सफलता नहीं मिली। 23 मई 2026 को ग्राम देवपुरी स्थित घाड़ी गधेरे में राजेन्द्र सिंह का शव मिलने की सूचना पर पुलिस फील्ड यूनिट और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर मृतक के दोनों पैर और एक हाथ रस्सी से बंधे मिले। मौके से मोबाइल फोन चप्पल पानी की बोतल सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। वैज्ञानिक जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर गुमशुदगी के मामले को हत्या में परिवर्तित कर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन तथा पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम में प्रभारी निरीक्षक कर्णप्रयाग विनोद थपलियाल उपनिरीक्षक नवनीत भंडारी एसओजी प्रभारी सतेन्द्र बुटोला थाना प्रभारी पोखरी निरीक्षक देवेन्द्र पंत सहित अन्य पुलिस अधिकारी शामिल किए गए। एसआईटी ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया तथा डॉग स्क्वॉड से प्राप्त सुरागों को आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ाया। करीब 45 दिन तक लगातार की गई जांच के बाद देवेन्द्र सिंह पुत्र बलवंत सिंह निवासी चौड़ाधार ग्राम देवपुरी की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने आरोपी को विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में विवेचक निरीक्षक मनोज सिरोला अपर उपनिरीक्षक अरुण कुमार हेड कांस्टेबल धनपाल तथा अपर उपनिरीक्षक अनिल आगरी शामिल रहे।