प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को हरिद्वार जनपद की तीन तहसीलों में पांच अलग-अलग स्थानों पर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया समन्वय और राहत-बचाव क्षमता का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान हरकी पैड़ी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से श्रद्धालुओं के डूबने और बहने श्यामपुर कांगड़ी में बाढ़ का पानी आबादी में घुसने भीमगौड़ा रेलवे टनल के समीप भारी वर्षा से पत्थर गिरने के कारण रेलवे ट्रैक बाधित होने लक्सर के गंगदासपुर में तटबंध टूटने से बाढ़ आने तथा शिवपुरी गांव में बाढ़ के कारण जलभराव जैसी काल्पनिक परिस्थितियां बनाई गईं। सभी स्थानों पर खोज राहत एवं बचाव कार्यों का सफल अभ्यास किया गया। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सुबह 11 बजे के बाद घटनाओं की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी.आर.चौहान ने जिला स्तर से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जबकि संबंधित उपजिलाधिकारियों ने इंसीडेंट कमांडर के रूप में मोर्चा संभाला। स्टेजिंग एरिया से एनडीआरएफ पुलिस अग्निशमन स्वास्थ्य राजस्व होमगार्ड पीआरडी लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों की टीमें आवश्यक संसाधनों के साथ घटनास्थलों पर पहुंचीं। टीमों ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करते हुए फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला तथा घायलों को राहत केंद्रों एवं अस्पतालों तक पहुंचाने का अभ्यास किया। मॉक ड्रिल के दौरान हरकी पैड़ी क्षेत्र में 16 लोगों को डूबने से बचाने भीमगौड़ा रेलवे टनल हादसे में घायल नौ लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा ग्राम शिवपुरी में नदी का जलस्तर बढ़ने से फंसे 30 लोगों को सुरक्षित निकालने का सफल अभ्यास किया गया। प्रशासन के अनुसार इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की वास्तविक परिस्थितियों में विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा राहत एवं बचाव व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आपदा नियंत्रण कक्ष में मॉक ड्रिल की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विभागों और संबंधित एजेंसियों ने निर्धारित रिस्पॉन्स टाइम के भीतर अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि आपदा जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया बेहतर समन्वय और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने मॉक ड्रिल में शामिल सभी अधिकारियों कर्मचारियों और बचाव दलों की सराहना करते हुए कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी विलंब के शुरू किए जा सकें। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल और समयबद्ध कार्रवाई से आपदा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह की नियमित मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे संबंधित विभागों की कार्यक्षमता का आकलन होने के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तैयारी भी सुनिश्चित होती है। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर.के. सिंह परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल पुलिस अधीक्षक नगर अभय प्रताप सिंह जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सरिता पवार मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर सहित एनडीआरएफ होमगार्ड पीआरडी लोक निर्माण विभाग तथा विभिन्न विभागों की टीमें मौजूद रहीं।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को हरिद्वार जनपद की तीन तहसीलों में पांच अलग-अलग स्थानों पर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया समन्वय और राहत-बचाव क्षमता का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान हरकी पैड़ी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से श्रद्धालुओं के डूबने और बहने श्यामपुर कांगड़ी में बाढ़ का पानी आबादी में घुसने भीमगौड़ा रेलवे टनल के समीप भारी वर्षा से पत्थर गिरने के कारण रेलवे ट्रैक बाधित होने लक्सर के गंगदासपुर में तटबंध टूटने से बाढ़ आने तथा शिवपुरी गांव में बाढ़ के कारण जलभराव जैसी काल्पनिक परिस्थितियां बनाई गईं। सभी स्थानों पर खोज राहत एवं बचाव कार्यों का सफल अभ्यास किया गया। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सुबह 11 बजे के बाद घटनाओं की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी.आर.चौहान ने जिला स्तर से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जबकि संबंधित उपजिलाधिकारियों ने इंसीडेंट कमांडर के रूप में मोर्चा संभाला। स्टेजिंग एरिया से एनडीआरएफ पुलिस अग्निशमन स्वास्थ्य राजस्व होमगार्ड पीआरडी लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों की टीमें आवश्यक संसाधनों के साथ घटनास्थलों पर पहुंचीं। टीमों ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करते हुए फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला तथा घायलों को राहत केंद्रों एवं अस्पतालों तक पहुंचाने का अभ्यास किया। मॉक ड्रिल के दौरान हरकी पैड़ी क्षेत्र में 16 लोगों को डूबने से बचाने भीमगौड़ा रेलवे टनल हादसे में घायल नौ लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा ग्राम शिवपुरी में नदी का जलस्तर बढ़ने से फंसे 30 लोगों को सुरक्षित निकालने का सफल अभ्यास किया गया। प्रशासन के अनुसार इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की वास्तविक परिस्थितियों में विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा राहत एवं बचाव व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आपदा नियंत्रण कक्ष में मॉक ड्रिल की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विभागों और संबंधित एजेंसियों ने निर्धारित रिस्पॉन्स टाइम के भीतर अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि आपदा जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया बेहतर समन्वय और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने मॉक ड्रिल में शामिल सभी अधिकारियों कर्मचारियों और बचाव दलों की सराहना करते हुए कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी विलंब के शुरू किए जा सकें। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल और समयबद्ध कार्रवाई से आपदा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह की नियमित मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे संबंधित विभागों की कार्यक्षमता का आकलन होने के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तैयारी भी सुनिश्चित होती है। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर.के. सिंह परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल पुलिस अधीक्षक नगर अभय प्रताप सिंह जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सरिता पवार मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर सहित एनडीआरएफ होमगार्ड पीआरडी लोक निर्माण विभाग तथा विभिन्न विभागों की टीमें मौजूद रहीं।