प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 13 वर्षों तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ.अजेय विक्रम सिंह का स्थानांतरण राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार हो गया है। अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने न केवल एनेस्थीसिया विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया बल्कि चिकित्सा शिक्षा प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ.अजेय विक्रम सिंह की अगुवाई में एनेस्थीसिया विभाग को स्नातक (यूजी) के साथ-साथ स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की मान्यता प्राप्त हुई। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि वर्तमान में विभाग में आठ सीटों पर डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। विभाग से अब तक चार बैच सफलतापूर्वक पास आउट होकर देश और प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान डॉ.सिंह ने जीवन रक्षक तकनीक सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) के व्यापक प्रशिक्षण अभियान को भी नई पहचान दी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों जूनियर रेजिडेंट इंटर्न एमबीबीएस छात्रों नर्सिंग अधिकारियों वार्ड अटेंडेंट ब्लड बैंक कर्मियों सुरक्षा कर्मियों टिहरी और पौड़ी के नर्सिंग छात्रों पुलिस एवं फायर सर्विस के जवानों के साथ-साथ स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी सीपीआर का प्रशिक्षण दिया। अब तक लगभग 3600 से अधिक लोगों को इस जीवन रक्षक तकनीक का प्रशिक्षण देकर उन्होंने समाज में जागरूकता बढ़ाने का उल्लेखनीय कार्य किया। डॉ.अजेय विक्रम सिंह के प्रयासों से राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की एनेस्थीसिया कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन भी हुआ जिसमें देशभर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। इस आयोजन ने मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। शैक्षणिक जिम्मेदारियों के अलावा उन्होंने लगभग पौने दो वर्ष तक बेस अस्पताल श्रीनगर के चिकित्सा अधीक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन अनुशासित कार्यशैली और सभी को साथ लेकर चलने की कार्यसंस्कृति के माध्यम से अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई सकारात्मक सुधार किए। मरीजों की सुविधाओं और अस्पताल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए उनके प्रयासों की व्यापक सराहना हुई। स्थानांतरण के अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना सहित चिकित्सकों शिक्षकों और कर्मचारियों ने डॉ.अजेय विक्रम सिंह को भावभीनी विदाई दी। सभी ने उनके योगदान की सराहना करते हुए हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में भी उनके सफल एवं उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 13 वर्षों तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ.अजेय विक्रम सिंह का स्थानांतरण राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार हो गया है। अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने न केवल एनेस्थीसिया विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया बल्कि चिकित्सा शिक्षा प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ.अजेय विक्रम सिंह की अगुवाई में एनेस्थीसिया विभाग को स्नातक (यूजी) के साथ-साथ स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की मान्यता प्राप्त हुई। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि वर्तमान में विभाग में आठ सीटों पर डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। विभाग से अब तक चार बैच सफलतापूर्वक पास आउट होकर देश और प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान डॉ.सिंह ने जीवन रक्षक तकनीक सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) के व्यापक प्रशिक्षण अभियान को भी नई पहचान दी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों जूनियर रेजिडेंट इंटर्न एमबीबीएस छात्रों नर्सिंग अधिकारियों वार्ड अटेंडेंट ब्लड बैंक कर्मियों सुरक्षा कर्मियों टिहरी और पौड़ी के नर्सिंग छात्रों पुलिस एवं फायर सर्विस के जवानों के साथ-साथ स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी सीपीआर का प्रशिक्षण दिया। अब तक लगभग 3600 से अधिक लोगों को इस जीवन रक्षक तकनीक का प्रशिक्षण देकर उन्होंने समाज में जागरूकता बढ़ाने का उल्लेखनीय कार्य किया। डॉ.अजेय विक्रम सिंह के प्रयासों से राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की एनेस्थीसिया कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन भी हुआ जिसमें देशभर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। इस आयोजन ने मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। शैक्षणिक जिम्मेदारियों के अलावा उन्होंने लगभग पौने दो वर्ष तक बेस अस्पताल श्रीनगर के चिकित्सा अधीक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन अनुशासित कार्यशैली और सभी को साथ लेकर चलने की कार्यसंस्कृति के माध्यम से अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई सकारात्मक सुधार किए। मरीजों की सुविधाओं और अस्पताल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए उनके प्रयासों की व्यापक सराहना हुई। स्थानांतरण के अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना सहित चिकित्सकों शिक्षकों और कर्मचारियों ने डॉ.अजेय विक्रम सिंह को भावभीनी विदाई दी। सभी ने उनके योगदान की सराहना करते हुए हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में भी उनके सफल एवं उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।