प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से पुलिस जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन विभाग स्वास्थ्य विभाग अग्निशमन इकाई ग्राम स्तरीय समितियों तथा अन्य संबंधित विभागों के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न थाना क्षेत्रों में मेगा आपदा प्रीवेंशन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान भूस्खलन बाढ़ बादल फटना तथा जलस्तर बढ़ने जैसी काल्पनिक परिस्थितियां तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों त्वरित प्रतिक्रिया सुरक्षित निकासी और विभिन्न विभागों के समन्वय की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान बताया गया कि आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उसकी रोकथाम पूर्व तैयारी तथा सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। आपदा किसी पूर्व निर्धारित समय पर नहीं आती बल्कि कभी भी कहीं भी और किसी भी स्वरूप में उत्पन्न हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए सभी विभागों का हर समय तैयार रहना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जनपद पुलिस द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन आपदा प्रबंधन विभाग स्वास्थ्य विभाग अग्निशमन इकाई ग्राम स्तरीय समितियों तथा अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान विभिन्न प्रकार के काल्पनिक आपदा परिदृश्यों का निर्माण कर सूचना प्राप्त होने से लेकर राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन तक की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक अभ्यास किया गया। थाना सतपुली क्षेत्र में डायल-112 पर सूचना प्राप्त होने का परिदृश्य तैयार किया गया कि सतपुली मल्ली के समीप भूस्खलन होने से कई लोग प्रभावित क्षेत्र में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही थाना सतपुली पुलिस 108 आपातकालीन सेवा आपदा नियंत्रण कक्ष तथा अन्य संबंधित विभागों को सक्रिय करते हुए राहत एवं बचाव अभियान का सफल अभ्यास किया गया। श्रीनगर के गोवा बीच क्षेत्र में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान प्रभावित क्षेत्र में फंसे तीन व्यक्तियों को रेस्क्यू टीम द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के बाद सभी को मौके पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए गए। थाना थलीसैंण क्षेत्र में बादल फटने की काल्पनिक घटना पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई जिसमें लगभग 20 से 25 लोगों के फंसे होने की स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस स्वास्थ्य विभाग आपदा प्रबंधन टीम तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने समन्वित राहत एवं बचाव अभियान चलाकर सभी आवश्यक कार्यवाहियों का अभ्यास किया। कोटद्वार क्षेत्र में नगर निगम और संबंधित विभागों के सहयोग से सिंबलचौड़ पुल के नीचे बाढ़ आने की स्थिति का अभ्यास किया गया। इस दौरान प्रभावित क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सहायता प्रदान करने की कार्यवाही का सफल अभ्यास किया गया। देवप्रयाग क्षेत्र में टिहरी बांध से अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने की सूचना के आधार पर संगम घाट को खाली कराने तथा कुंडेश्वर घाट क्षेत्र में नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभ्यास किया गया। पुलिस और प्रशासन द्वारा सार्वजनिक अनाउंसमेंट के माध्यम से लोगों को सतर्क करते हुए नदी तट से दूर रहने की अपील भी की गई। मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभागों की टीमों ने आपसी समन्वय के साथ त्वरित प्रतिक्रिया राहत एवं बचाव कार्य घायलों के उपचार सुरक्षित निकासी संचार व्यवस्था तथा उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग का व्यवहारिक अभ्यास किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संभावित आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत बनाना उपलब्ध संसाधनों की प्रभावशीलता का परीक्षण करना त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ाना तथा जनसुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना रहा।
