प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। कलेक्ट्रेट सभागार में रजिस्ट्रीकरण एवं निबन्धन विभाग द्वारा स्टाम्प शुल्क एवं रजिस्ट्रीकरण संबंधी प्रावधानों पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अभिलेखों का विधि के अनुसार पंजीकरण अनिवार्य है उनका समयबद्ध रजिस्ट्रीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई दस्तावेज पंजीकृत नहीं कराया जाता है तो नियमानुसार दस गुना तक की पेनाल्टी लगाई जाएगी। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि एक वर्ष से कम अवधि की लीज का अनुबंध 100 रुपये के स्टाम्प पर किया जा सकता है जबकि एक वर्ष से अधिक अवधि की लीज का उप निबन्धक कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के सभी होटल एवं पर्यटन प्रतिष्ठानों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि लीज पर संचालित सभी प्रतिष्ठानों का विधिवत पंजीकरण कराया जाए। कार्यशाला में सहायक निदेशक निबन्धन विभाग रेखा नेगी ने विभागीय नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न विभागों स्थानीय निकायों एवं संस्थानों द्वारा निर्मित दुकानों भवनों एवं अन्य परिसंपत्तियों को विक्रय लीज ठेके अथवा अनुबंध के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है लेकिन अनेक मामलों में आवश्यक स्टाम्प शुल्क जमा नहीं किया जाता तथा दस्तावेजों का विधिसम्मत रजिस्ट्रीकरण भी नहीं कराया जाता। उन्होंने बताया कि तहबाजारी नुमाइश खनन बाजारों की नीलामी सहित विभिन्न प्रकार के ठेकों में भी उचित स्टाम्प शुल्क का भुगतान तथा आवश्यक रजिस्ट्रीकरण सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है। इस संबंध में सभी विभागों को रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 की धारा-17 तथा भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 की धारा-33 का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों एवं निकायों के अधिकारियों ने स्टाम्प शुल्क रजिस्ट्रीकरण तथा अनुबंधों से जुड़े व्यावहारिक प्रश्न पूछे जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। अधिकारियों को भविष्य में सभी प्रकार के अनुबंध एवं अभिलेखों पर निर्धारित स्टाम्प शुल्क अदा करने तथा जहां आवश्यक हो उनका अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने के लिए जागरूक किया गया। कार्यशाला में निबन्धन विभाग के प्रतीक पुण्डीर सहित विभिन्न विभागों एवं निकायों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से भी शामिल हुए।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। कलेक्ट्रेट सभागार में रजिस्ट्रीकरण एवं निबन्धन विभाग द्वारा स्टाम्प शुल्क एवं रजिस्ट्रीकरण संबंधी प्रावधानों पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अभिलेखों का विधि के अनुसार पंजीकरण अनिवार्य है उनका समयबद्ध रजिस्ट्रीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई दस्तावेज पंजीकृत नहीं कराया जाता है तो नियमानुसार दस गुना तक की पेनाल्टी लगाई जाएगी। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि एक वर्ष से कम अवधि की लीज का अनुबंध 100 रुपये के स्टाम्प पर किया जा सकता है जबकि एक वर्ष से अधिक अवधि की लीज का उप निबन्धक कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के सभी होटल एवं पर्यटन प्रतिष्ठानों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि लीज पर संचालित सभी प्रतिष्ठानों का विधिवत पंजीकरण कराया जाए। कार्यशाला में सहायक निदेशक निबन्धन विभाग रेखा नेगी ने विभागीय नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न विभागों स्थानीय निकायों एवं संस्थानों द्वारा निर्मित दुकानों भवनों एवं अन्य परिसंपत्तियों को विक्रय लीज ठेके अथवा अनुबंध के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है लेकिन अनेक मामलों में आवश्यक स्टाम्प शुल्क जमा नहीं किया जाता तथा दस्तावेजों का विधिसम्मत रजिस्ट्रीकरण भी नहीं कराया जाता। उन्होंने बताया कि तहबाजारी नुमाइश खनन बाजारों की नीलामी सहित विभिन्न प्रकार के ठेकों में भी उचित स्टाम्प शुल्क का भुगतान तथा आवश्यक रजिस्ट्रीकरण सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है। इस संबंध में सभी विभागों को रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 की धारा-17 तथा भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 की धारा-33 का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों एवं निकायों के अधिकारियों ने स्टाम्प शुल्क रजिस्ट्रीकरण तथा अनुबंधों से जुड़े व्यावहारिक प्रश्न पूछे जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। अधिकारियों को भविष्य में सभी प्रकार के अनुबंध एवं अभिलेखों पर निर्धारित स्टाम्प शुल्क अदा करने तथा जहां आवश्यक हो उनका अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने के लिए जागरूक किया गया। कार्यशाला में निबन्धन विभाग के प्रतीक पुण्डीर सहित विभिन्न विभागों एवं निकायों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से भी शामिल हुए।