प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेशभर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की प्रभावशीलता का परीक्षण करने के उद्देश्य से गुरुवार को जनपद टिहरी गढ़वाल सहित राज्य के सभी जनपदों में व्यापक आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सभी विभागों एवं एजेंसियों को सदैव अलर्ट मोड में कार्य करना होता है। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल आपदा जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी को मजबूत करती है तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि पूर्व में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदाओं के दौरान सभी विभागों एवं राहत-बचाव दलों ने सराहनीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क अवरुद्ध होना बादल फटना तथा भूस्खलन जैसी घटनाएं सामान्य हैं। उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सभी विभागों को हमेशा सतर्क रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में समयबद्ध कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है जिससे जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों तक समय पर सूचना पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक नागरिक को भी आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक एवं सहभागी बनाया जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से राज्य के सभी जनपदों से जुड़े रहे। आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सभी जनपदों ने मॉक ड्रिल के लिए बेहतर तैयारी की तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों का प्रभावी पालन किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और सभी विभागों ने संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। उन्होंने अधिकारियों से मानसून अवधि के दौरान पूरी सतर्कता एवं समुचित तैयारियों के साथ कार्य करने का आह्वान किया। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान भूस्खलन बादल फटना और बाढ़ जैसी आपदा की काल्पनिक स्थिति निर्मित कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इसमें जिला प्रशासन पुलिस एसडीआरएफ अग्निशमन स्वास्थ्य विभाग लोक निर्माण विभाग विद्युत विभाग जल संस्थान नगर निकाय शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों ने प्रतिभाग किया। मॉक ड्रिल के तहत तहसील घनसाली के ग्राम जखन्याली में बादल फटना एवं भूस्खलन देवप्रयाग में राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर ग्राम मूल्यागांव में वाहन दुर्घटना तहसील नरेंद्रनगर के बगड़धार में भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होना तहसील कंडीसौड़ के स्यांसू क्षेत्र में भूस्खलन से मार्ग बंद होने तथा तहसील देवप्रयाग एवं नरेंद्रनगर क्षेत्र में टिहरी बांध से अतिरिक्त जल निकासी की काल्पनिक परिस्थितियों पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया संसाधनों की उपलब्धता संचार व्यवस्था राहत एवं बचाव कार्यों तथा समन्वय प्रणाली का परीक्षण करना है ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय पर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता एवं दक्षता के साथ निर्वहन करें। मॉक ड्रिल के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्याम विजय अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता सीआईएसएफ प्रतिनिधि जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश सहित सभी संबंधित अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेशभर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की प्रभावशीलता का परीक्षण करने के उद्देश्य से गुरुवार को जनपद टिहरी गढ़वाल सहित राज्य के सभी जनपदों में व्यापक आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सभी विभागों एवं एजेंसियों को सदैव अलर्ट मोड में कार्य करना होता है। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल आपदा जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी को मजबूत करती है तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि पूर्व में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदाओं के दौरान सभी विभागों एवं राहत-बचाव दलों ने सराहनीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क अवरुद्ध होना बादल फटना तथा भूस्खलन जैसी घटनाएं सामान्य हैं। उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सभी विभागों को हमेशा सतर्क रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में समयबद्ध कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है जिससे जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों तक समय पर सूचना पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक नागरिक को भी आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक एवं सहभागी बनाया जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से राज्य के सभी जनपदों से जुड़े रहे। आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सभी जनपदों ने मॉक ड्रिल के लिए बेहतर तैयारी की तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों का प्रभावी पालन किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और सभी विभागों ने संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। उन्होंने अधिकारियों से मानसून अवधि के दौरान पूरी सतर्कता एवं समुचित तैयारियों के साथ कार्य करने का आह्वान किया। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान भूस्खलन बादल फटना और बाढ़ जैसी आपदा की काल्पनिक स्थिति निर्मित कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इसमें जिला प्रशासन पुलिस एसडीआरएफ अग्निशमन स्वास्थ्य विभाग लोक निर्माण विभाग विद्युत विभाग जल संस्थान नगर निकाय शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों ने प्रतिभाग किया। मॉक ड्रिल के तहत तहसील घनसाली के ग्राम जखन्याली में बादल फटना एवं भूस्खलन देवप्रयाग में राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर ग्राम मूल्यागांव में वाहन दुर्घटना तहसील नरेंद्रनगर के बगड़धार में भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होना तहसील कंडीसौड़ के स्यांसू क्षेत्र में भूस्खलन से मार्ग बंद होने तथा तहसील देवप्रयाग एवं नरेंद्रनगर क्षेत्र में टिहरी बांध से अतिरिक्त जल निकासी की काल्पनिक परिस्थितियों पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया संसाधनों की उपलब्धता संचार व्यवस्था राहत एवं बचाव कार्यों तथा समन्वय प्रणाली का परीक्षण करना है ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय पर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता एवं दक्षता के साथ निर्वहन करें। मॉक ड्रिल के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्याम विजय अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता सीआईएसएफ प्रतिनिधि जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश सहित सभी संबंधित अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।