प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। आर्थिक अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के नेतृत्व में टिहरी पुलिस ने लगभग ₹54 लाख के बैंक गबन के मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी बैंक कैशियर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की सटीक विवेचना और तकनीकी जांच के बाद आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया गया। मामले में गबन की पूरी धनराशि उसके उपयोग तथा अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच जारी है। 30 जून 2026 को उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक शाखा कमांद के शाखा प्रबंधक ने थाना छाम में ई-एफआईआर के माध्यम से लगभग ₹54 लाख के गबन की सूचना दी। बैंक की आंतरिक ऑडिट एवं जांच समिति की जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि तत्कालीन कैशियर अभिलाष शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई खाताधारकों के खातों से फर्जी हस्ताक्षरों और फर्जी निकासी वाउचरों के माध्यम से अवैध रूप से धनराशि निकाली। शिकायत के आधार पर थाना छाम में भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज कर तत्काल विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्वेता चौबे के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल एवं क्षेत्राधिकारी चम्बा के पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने बैंक अभिलेखों खाताधारकों के बैंक स्टेटमेंट निकासी वाउचरों वित्तीय लेन-देन तथा दस्तावेजी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण कर मजबूत साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गबन की गई धनराशि का एक हिस्सा आरोपी ने अपने खाते तथा अपने रिश्तेदारों के खातों में स्थानांतरित किया था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस टीम ने देहरादून में दबिश देकर 2 जुलाई 2026 को आरोपी अभिलाष शर्मा पुत्र विजय शर्मा निवासी शक्ति कॉलोनी प्रेमनगर रोड बड़ोवाला थाना पटेलनगर जनपद देहरादून को उसके निवास से विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी की संलिप्तता से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अब गबन की संपूर्ण धनराशि फंड फ्लो अन्य बैंक खातों में हुए धन अंतरण तथा इस मामले में अन्य व्यक्तियों की संभावित भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। आर्थिक अपराध केवल धन की चोरी नहीं बल्कि समाज के विश्वास पर भी आघात हैं। टिहरी पुलिस ऐसे अपराधों के प्रति पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। अपराधी चाहे किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो उसे कानून के दायरे में लाकर कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष छाम उपनिरीक्षक दिलबर सिंह नेगी उपनिरीक्षक मनवीर सिंह चौहान अपर उपनिरीक्षक जुगल किशोर भट्ट मुख्य आरक्षी धर्मेन्द्र बिष्ट मुख्य आरक्षी कुंवरवीर सिंह आरक्षी मुकेश भट्ट तथा आरक्षी नीलम राठौर शामिल रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। आर्थिक अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के नेतृत्व में टिहरी पुलिस ने लगभग ₹54 लाख के बैंक गबन के मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी बैंक कैशियर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की सटीक विवेचना और तकनीकी जांच के बाद आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया गया। मामले में गबन की पूरी धनराशि उसके उपयोग तथा अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच जारी है। 30 जून 2026 को उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक शाखा कमांद के शाखा प्रबंधक ने थाना छाम में ई-एफआईआर के माध्यम से लगभग ₹54 लाख के गबन की सूचना दी। बैंक की आंतरिक ऑडिट एवं जांच समिति की जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि तत्कालीन कैशियर अभिलाष शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई खाताधारकों के खातों से फर्जी हस्ताक्षरों और फर्जी निकासी वाउचरों के माध्यम से अवैध रूप से धनराशि निकाली। शिकायत के आधार पर थाना छाम में भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज कर तत्काल विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्वेता चौबे के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल एवं क्षेत्राधिकारी चम्बा के पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने बैंक अभिलेखों खाताधारकों के बैंक स्टेटमेंट निकासी वाउचरों वित्तीय लेन-देन तथा दस्तावेजी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण कर मजबूत साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गबन की गई धनराशि का एक हिस्सा आरोपी ने अपने खाते तथा अपने रिश्तेदारों के खातों में स्थानांतरित किया था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस टीम ने देहरादून में दबिश देकर 2 जुलाई 2026 को आरोपी अभिलाष शर्मा पुत्र विजय शर्मा निवासी शक्ति कॉलोनी प्रेमनगर रोड बड़ोवाला थाना पटेलनगर जनपद देहरादून को उसके निवास से विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी की संलिप्तता से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अब गबन की संपूर्ण धनराशि फंड फ्लो अन्य बैंक खातों में हुए धन अंतरण तथा इस मामले में अन्य व्यक्तियों की संभावित भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। आर्थिक अपराध केवल धन की चोरी नहीं बल्कि समाज के विश्वास पर भी आघात हैं। टिहरी पुलिस ऐसे अपराधों के प्रति पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। अपराधी चाहे किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो उसे कानून के दायरे में लाकर कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष छाम उपनिरीक्षक दिलबर सिंह नेगी उपनिरीक्षक मनवीर सिंह चौहान अपर उपनिरीक्षक जुगल किशोर भट्ट मुख्य आरक्षी धर्मेन्द्र बिष्ट मुख्य आरक्षी कुंवरवीर सिंह आरक्षी मुकेश भट्ट तथा आरक्षी नीलम राठौर शामिल रहे।