प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम की महापौर आरती भंडारी की पहल पर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब नगर निगम क्षेत्र में यूजर चार्जेज (स्वच्छता शुल्क) का संग्रह महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से कराया जाएगा। इस निर्णय से जहां नगर निगम की राजस्व व्यवस्था को मजबूती मिलेगी वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार एवं आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्राप्त होगा। इसी पहल के तहत नगर निगम सभागार में पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए यूजर चार्जेज संग्रहण संबंधी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में महिलाओं को यूजर चार्जेज संग्रहण की प्रक्रिया अभिलेख संधारण नागरिकों से समन्वय तथा कार्य संचालन से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां विस्तार से दी गईं। कार्यशाला में नगर निगम ऋषिकेश के सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण देते हुए यूजर चार्जेज संग्रहण की पूरी कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था और राजस्व संग्रहण प्रणाली दोनों अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेंगी। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना नहीं बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं समृद्ध नगर की आधारशिला सशक्त महिलाओं के हाथों से ही रखी जाती है। स्वयं सहायता समूहों को यह जिम्मेदारी देकर हम उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं। आने वाले समय में नगर निगम महिलाओं के लिए और भी रोजगारपरक योजनाएं शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी सौंपने से नगर निगम की कार्यप्रणाली में जनभागीदारी बढ़ेगी और महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इससे स्वच्छता अभियान को नई गति मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कार्यशाला में नगर आयुक्त नुपुर वर्मा सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा शक्ति धाम भवानी शिवशक्ति दुर्गा सहित विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं उपस्थित रहीं। नगर निगम की यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ स्वच्छता प्रबंधन में जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम की महापौर आरती भंडारी की पहल पर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब नगर निगम क्षेत्र में यूजर चार्जेज (स्वच्छता शुल्क) का संग्रह महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से कराया जाएगा। इस निर्णय से जहां नगर निगम की राजस्व व्यवस्था को मजबूती मिलेगी वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार एवं आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्राप्त होगा। इसी पहल के तहत नगर निगम सभागार में पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए यूजर चार्जेज संग्रहण संबंधी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में महिलाओं को यूजर चार्जेज संग्रहण की प्रक्रिया अभिलेख संधारण नागरिकों से समन्वय तथा कार्य संचालन से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां विस्तार से दी गईं। कार्यशाला में नगर निगम ऋषिकेश के सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण देते हुए यूजर चार्जेज संग्रहण की पूरी कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था और राजस्व संग्रहण प्रणाली दोनों अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेंगी। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना नहीं बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं समृद्ध नगर की आधारशिला सशक्त महिलाओं के हाथों से ही रखी जाती है। स्वयं सहायता समूहों को यह जिम्मेदारी देकर हम उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं। आने वाले समय में नगर निगम महिलाओं के लिए और भी रोजगारपरक योजनाएं शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी सौंपने से नगर निगम की कार्यप्रणाली में जनभागीदारी बढ़ेगी और महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इससे स्वच्छता अभियान को नई गति मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कार्यशाला में नगर आयुक्त नुपुर वर्मा सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा शक्ति धाम भवानी शिवशक्ति दुर्गा सहित विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं उपस्थित रहीं। नगर निगम की यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ स्वच्छता प्रबंधन में जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।