प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पायल सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को विकासखंड सभागार उखीमठ में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर को संबोधित करते हुए सचिव पायल सिंह ने विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों और उसके विकास सार्वजनिक स्वास्थ्य पर्यावरण तथा प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तीव्र जनसंख्या वृद्धि के कारण भोजन स्वच्छ पेयजल आवास स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में जनसंख्या नियंत्रण और जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित लोगों को प्रजनन अधिकारों मातृत्व लाभ स्वास्थ्य के अधिकार तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षित मातृत्व और स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंच के महत्व से अवगत कराया। साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस की थीम पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न सामाजिक एवं आर्थिक चुनौतियों के साथ-साथ स्वास्थ्य शिक्षा परिवार और उपलब्ध संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया गया। विधिक जागरूकता शिविर के उपरांत पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिकों के पर्यावरणीय दायित्वों के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से चलाए जा रहे 30 दिवसीय वृक्षारोपण अभियान (1 जुलाई से 30 जुलाई 2026) के अंतर्गत सचिव श्रीमती पायल सिंह ने पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण और देखभाल का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पायल सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को विकासखंड सभागार उखीमठ में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर को संबोधित करते हुए सचिव पायल सिंह ने विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों और उसके विकास सार्वजनिक स्वास्थ्य पर्यावरण तथा प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तीव्र जनसंख्या वृद्धि के कारण भोजन स्वच्छ पेयजल आवास स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में जनसंख्या नियंत्रण और जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित लोगों को प्रजनन अधिकारों मातृत्व लाभ स्वास्थ्य के अधिकार तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षित मातृत्व और स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंच के महत्व से अवगत कराया। साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस की थीम पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न सामाजिक एवं आर्थिक चुनौतियों के साथ-साथ स्वास्थ्य शिक्षा परिवार और उपलब्ध संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया गया। विधिक जागरूकता शिविर के उपरांत पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिकों के पर्यावरणीय दायित्वों के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से चलाए जा रहे 30 दिवसीय वृक्षारोपण अभियान (1 जुलाई से 30 जुलाई 2026) के अंतर्गत सचिव श्रीमती पायल सिंह ने पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण और देखभाल का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की।