प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। मानसून के दौरान जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष मयूर दीक्षित ने जनपद में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों तथा दीवारों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश गढ़वाल मंडल आयुक्त के आदेशों के अनुपालन में जारी किए गए हैं ताकि वर्षाकाल के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि हाल ही में हरिद्वार और चमोली जनपद में दीवार गिरने से हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना आवश्यक है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सरकारी और निजी परिसंपत्तियों के पुराने एवं जर्जर भवनों तथा दीवारों के क्षतिग्रस्त या ध्वस्त होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों नगर निकायों ग्राम पंचायतों तथा विभिन्न विभागों के कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों दीवारों एवं अन्य असुरक्षित संरचनाओं का तत्काल सर्वेक्षण कर उन्हें चिन्हित किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे भवनों और संरचनाओं को सील अथवा बंद करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। जिलाधिकारी ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मुनादी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) के माध्यम से आमजन को लगातार जागरूक करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानकारी दी जाए कि वर्षाकाल के दौरान पुराने और जर्जर भवनों दीवारों तथा अन्य असुरक्षित संरचनाओं के पास न जाएं और न ही उनमें निवास करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि यदि कोई विद्यालय या अन्य सार्वजनिक भवन अनुपयोगी अथवा जर्जर स्थिति में पाया जाता है तो जनसुरक्षा की दृष्टि से उसे तत्काल सील या बंद कर दिया जाए ताकि उसमें किसी भी व्यक्ति का प्रवेश न हो सके और संभावित दुर्घटनाओं से बचाव सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपदवासियों से अपील की है कि वर्षाकाल में जर्जर भवनों और दीवारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं कोई असुरक्षित भवन दीवार या अन्य संरचना दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर जनहानि को रोका जा सके।
