प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने घोड़ा-खच्चर संचालन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए पंजीकरण अभियान तेज कर दिया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने तथा अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन लगातार आवश्यक कदम उठा रहा है। जिला प्रशासन ने सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों एवं स्वामियों से अपील की है कि वे अपने अधीन कार्यरत प्रत्येक हॉकर का जिला पंचायत रुद्रप्रयाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं। बिना पंजीकरण के किसी भी व्यक्ति को केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्री केदारनाथ यात्रा व्यवस्था-2026 के अंतर्गत अब तक 484 हॉकरों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिला पंचायत रुद्रप्रयाग द्वारा गौरीकुंड भीमबली लिनचोली एवं केदारनाथ में स्थापित शिविरों के माध्यम से लगातार पंजीकरण की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। जिला पंचायत के कार्मिक नियमित निरीक्षण एवं सत्यापन अभियान भी चला रहे हैं। जिन घोड़ा-खच्चर स्वामियों द्वारा बिना जिला पंचायत लाइसेंस के हॉकरों की तैनाती की गई है उनके विरुद्ध चालानी कार्रवाई करते हुए संबंधित लाइसेंस जब्त किए जा रहे हैं। साथ ही पात्र व्यक्तियों को प्रतिदिन नियमानुसार हॉकर लाइसेंस भी जारी किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई घोड़ा-खच्चर संचालक अथवा हॉकर बिना पंजीकरण के संचालन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग आर्थिक दंड तथा अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित संचालक एवं स्वामी स्वयं उत्तरदायी होंगे। जिला प्रशासन ने सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों स्वामियों एवं हॉकरों से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करते हुए यात्रा की गरिमा बनाए रखें तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं सम्मानजनक सेवाएं उपलब्ध कराएं।
