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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई जिला स्तरीय कार्ययोजना (एक्शन प्लान) की समीक्षा मंगलवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एनआईसी सभागार जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ कार्ययोजना के सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि हरिद्वार को ऐसा शहर बनाया जाना चाहिए जहां कोई भी व्यक्ति मजबूरी में भीख मांगने को विवश न हो। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक जीवन सुरक्षित आश्रय शिक्षा स्वास्थ्य सुविधाएं तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों मंदिरों गंगा घाटों बस अड्डों रेलवे स्टेशन तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भिक्षावृत्ति करने वाले व्यक्तियों का विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाए। सर्वेक्षण के दौरान उनकी आयु स्वास्थ्य पारिवारिक स्थिति शिक्षा आजीविका एवं अन्य आवश्यक जानकारियां संकलित की जाएं। साथ ही बच्चों महिलाओं बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की अलग-अलग श्रेणियां बनाकर उनके पुनर्वास की कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अंतर्गत अस्थायी एवं स्थायी आश्रय गृहों की व्यवस्था भोजन स्वच्छ वस्त्र चिकित्सा सुविधाएं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श नशामुक्ति सेवाएं तथा मनोसामाजिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पुनर्वासित व्यक्तियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर स्थानीय उद्योगों होटलों दुकानों एवं सेवा क्षेत्र से जोड़ने तथा स्वयं सहायता समूहों एवं स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम को लेकर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत भीख मांगने वाले बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित करने छात्रवृत्ति पोषण एवं आवासीय शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध कराने तथा बाल श्रम एवं बाल तस्करी से जुड़े मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई करने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता संदेश प्रदर्शित किए जाएं तथा सोशल मीडिया रेडियो और स्थानीय समाचार माध्यमों के जरिए लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देने के बजाय जरूरतमंद व्यक्तियों को पुनर्वास योजनाओं से जोड़ने में सहयोग करें। बैठक में जिला प्रशासन पुलिस नगर निगम समाज कल्याण विभाग स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग तथा गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारियां स्पष्ट करने तथा नियमित मासिक समीक्षा बैठक आयोजित कर कार्यों की निगरानी करने का निर्णय लिया गया। शिकायतों एवं सुझावों के लिए हेल्पलाइन तथा ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया ने बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए तैयार की गई कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की तथा उसके विभिन्न पहलुओं से अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार सीओ सदर एसपी बलूनी जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) अमित कुमार चंद जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा उप नगर आयुक्त श्याम सुंदर दास उप नगर आयुक्त रुड़की अमरजीत कौर एसीएमओ डॉ.कुंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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