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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद रुद्रप्रयाग के आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील उच्च हिमालयी क्षेत्र तुंगनाथ धाम में बुधवार को आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ डॉ.रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी नैनीताल द्वारा एक दिवसीय आउटरीच प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अतिवृष्टि वज्रपात भूस्खलन शैलपात तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति स्थानीय समुदाय को जागरूक बनाते हुए उनकी आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करना रहा। महानिदेशक डॉ.रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी,नैनीताल बी.पी.पाण्डेय के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ.मंजू पाण्डेय एवं उनकी टीम ने किया। कार्यक्रम में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी रुद्रप्रयाग नंदन सिंह रजवार डॉ.विवेक राजपूत तथा एनटीएमसी नैनीताल के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) सुरक्षित निकासी प्राथमिक उपचार आपदा जोखिम न्यूनीकरण आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया सामुदायिक सहभागिता तथा आपदा प्रबंधन की संस्थागत व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों आपातकालीन सूचना तंत्र और स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन की भी जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 70 लोगों ने भाग लिया। इनमें ग्राम प्रधान क्षेत्र पंचायत सदस्य युवक एवं युवती मंगल दल के सदस्य व्यापारी स्थानीय पुरोहित तथा क्षेत्र के अन्य नागरिक शामिल रहे। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों से संवाद करते हुए विभिन्न आपदाओं से निपटने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी भी प्राप्त की। कार्यक्रम निदेशक डॉ.मंजू पाण्डेय एवं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने कहा कि आपदा के समय स्थानीय समुदाय की जागरूकता त्वरित निर्णय क्षमता और समन्वित प्रयास जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पर्वतीय एवं आपदा संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन में विभिन्न विभागों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की भी विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पंडित अभिषेक मैठाणी तथा बाबा काली कमली के प्रबंधक का विशेष सहयोग रहा। जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण तुंगनाथ धाम एवं आसपास के क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण सामुदायिक जागरूकता तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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