प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कांवड़ मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को जनपद में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार विभाग की तीन टीमों ने बहादराबाद से धनौरी कांवड़ पटरी मार्ग भूपतवाला तथा भगवानपुर से गागलहेड़ी तक स्थित स्थायी एवं अस्थायी खाद्य स्टॉल ढाबों भोजनालयों रेस्तरां एवं होटलों का निरीक्षण किया। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महीमनन्द जोशी के नेतृत्व में पहली टीम ने बहादराबाद से धनौरी कांवड़ पटरी मार्ग पर 16 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 9 प्रतिष्ठानों में फूड लाइसेंस नहीं पाया गया तथा आवश्यक अभिलेख भी उपलब्ध नहीं थे। इस पर संबंधित संचालकों को मौके पर ही नोटिस जारी करते हुए दो दिनों के भीतर फूड लाइसेंस बनवाकर प्रतिष्ठान में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। टीम ने सभी प्रतिष्ठानों को रेट सूची प्रदर्शित करने बासी भोजन का विक्रय नहीं करने खाद्य पदार्थों को ढककर रखने तथा साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही सभी प्रतिष्ठानों में फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड भी प्रदर्शित कराए गए। इस दौरान दही दूध एवं तेल के तीन नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए। दूसरी टीम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टट्टा के नेतृत्व में भूपतवाला क्षेत्र के 10 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। यहां सभी प्रतिष्ठानों में फूड लाइसेंस एवं फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड प्रदर्शित पाए गए। टीम ने संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। वहीं तीसरी टीम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में भगवानपुर से गागलहेड़ी तक 17 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी प्रतिष्ठानों में फूड लाइसेंस एवं फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड प्रदर्शित पाए गए तथा आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव ने कांवड़ पटरी मार्ग के रुड़की तहसील क्षेत्र स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों से सरसों का तेल चॉकलेट एवं बेवरेज के तीन नमूने संकलित कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
