प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के हेमवती नंदन बहुगुणा बेस चिकित्सालय में 39वीं आईएपी (IAP) पीडियाट्रिक क्विज़ प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में एमबीबीएस स्नातक छात्रों ने बाल रोग एवं चिकित्सा शिक्षा से जुड़े चुनौतीपूर्ण प्रश्नों का आत्मविश्वास के साथ उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में डी टीम की कामनी बिष्ट और शिवानी नेगी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं टीम बी की स्तुति उनियाल और वारा जोशी ने 59.5 अंक अर्जित कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम अब देहरादून में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय आईएपी पीडियाट्रिक क्विज़ प्रतियोगिता में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर का प्रतिनिधित्व करेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक प्रतियोगिताएं छात्रों के ज्ञान में वृद्धि करने के साथ-साथ उनकी तार्किक क्षमता और आत्मविश्वास को भी मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं न केवल नियमित पढ़ाई में सहायक हैं बल्कि पीजी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होती हैं। प्राचार्य डॉ.सयाना ने कहा कि आईएपी की तर्ज पर मेडिकल कॉलेज के अन्य विभागों को भी समय-समय पर विषय आधारित क्विज़ प्रतियोगिताओं का आयोजन करना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने प्रतियोगिता में पीडियाट्रिक्स के साथ-साथ सर्जरी से जुड़े प्रश्न पूछे जाने की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा में केवल उत्तर याद करना पर्याप्त नहीं बल्कि बीमारियों के मूल कारणों को समझना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से कहा कि यदि वे रोग के कारणों और वैज्ञानिक आधार को समझेंगे तो भविष्य में अधिक कुशल और संवेदनशील डॉक्टर बन सकेंगे। उन्होंने सभी छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से लेने की भी सलाह दी और कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में यह प्रशिक्षण किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। साथ ही उन्होंने बाल रोग विभाग द्वारा सफल आयोजन के लिए पूरी टीम की सराहना की। बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो.सी.एम.शर्मा ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर सभी प्रतिभागियों शिक्षकों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज स्तर की ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने अधिक से अधिक छात्रों से भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन क्विज़ समन्वयक एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.अंकिता गिरी ने किया। प्रतियोगिता में क्विज़ मास्टर डॉ.अजय गोस्वामी स्कोर मास्टर आकाश एवं आशीष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राकेश रावत ने विजेता टीमों को ट्रॉफी एवं सम्मान प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.अशोक शर्मा डॉ.किंगसुंग लौहान डॉ.सर्वजीत डॉ.मोहित सैनी सहित बड़ी संख्या में एमबीबीएस छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के हेमवती नंदन बहुगुणा बेस चिकित्सालय में 39वीं आईएपी (IAP) पीडियाट्रिक क्विज़ प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में एमबीबीएस स्नातक छात्रों ने बाल रोग एवं चिकित्सा शिक्षा से जुड़े चुनौतीपूर्ण प्रश्नों का आत्मविश्वास के साथ उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में डी टीम की कामनी बिष्ट और शिवानी नेगी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं टीम बी की स्तुति उनियाल और वारा जोशी ने 59.5 अंक अर्जित कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम अब देहरादून में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय आईएपी पीडियाट्रिक क्विज़ प्रतियोगिता में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर का प्रतिनिधित्व करेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक प्रतियोगिताएं छात्रों के ज्ञान में वृद्धि करने के साथ-साथ उनकी तार्किक क्षमता और आत्मविश्वास को भी मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं न केवल नियमित पढ़ाई में सहायक हैं बल्कि पीजी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होती हैं। प्राचार्य डॉ.सयाना ने कहा कि आईएपी की तर्ज पर मेडिकल कॉलेज के अन्य विभागों को भी समय-समय पर विषय आधारित क्विज़ प्रतियोगिताओं का आयोजन करना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने प्रतियोगिता में पीडियाट्रिक्स के साथ-साथ सर्जरी से जुड़े प्रश्न पूछे जाने की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा में केवल उत्तर याद करना पर्याप्त नहीं बल्कि बीमारियों के मूल कारणों को समझना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से कहा कि यदि वे रोग के कारणों और वैज्ञानिक आधार को समझेंगे तो भविष्य में अधिक कुशल और संवेदनशील डॉक्टर बन सकेंगे। उन्होंने सभी छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से लेने की भी सलाह दी और कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में यह प्रशिक्षण किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। साथ ही उन्होंने बाल रोग विभाग द्वारा सफल आयोजन के लिए पूरी टीम की सराहना की। बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो.सी.एम.शर्मा ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर सभी प्रतिभागियों शिक्षकों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज स्तर की ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने अधिक से अधिक छात्रों से भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन क्विज़ समन्वयक एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.अंकिता गिरी ने किया। प्रतियोगिता में क्विज़ मास्टर डॉ.अजय गोस्वामी स्कोर मास्टर आकाश एवं आशीष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राकेश रावत ने विजेता टीमों को ट्रॉफी एवं सम्मान प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.अशोक शर्मा डॉ.किंगसुंग लौहान डॉ.सर्वजीत डॉ.मोहित सैनी सहित बड़ी संख्या में एमबीबीएस छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।